बीएसएफ मेरु में आयोजित दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
बीएसएफ के गौरवशाली इतिहास पर सभी को गर्व: सीपी राधाकृष्णन
ब्यूरो प्रमुख,हजारीबाग।राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने बीएसएफ मेरू कैम्प हजारीबाग में उप निरीक्षक (बैच संख्या 67) को लेकर आयोजित दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का गौरवशाली इतिहास रहा है। इस पर हम सभी को गर्व है। उन्होंने कहा कि बहादुर जवान राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करने के साथ आतंकवाद, तस्करी एवं आपराधिक गतिविधियों आदि पर नियंत्रण हेतु सदैव सचेष्ट रहते हैं व अथक परिश्रम करते हैं। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण व कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल ने 1971 के युद्ध में अपनी दक्षता व साहस का प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय योगदान दिया है। देश के लिए किए गए सराहनीय कार्य के लिये बीएसएफ को सलाम है।
राज्यपाल ने सभी प्रशिक्षु उप-निरीक्षक को बधाई देते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा व सेवा करने का अहम अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने उप निरीक्षकों द्वारा प्रदर्शित परेड की सराहना करते हुए कहा कि ये प्रशिक्षण के दौरान की गई कड़ी मेहनत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आपने जिस करियर का चयन किया है, वह चुनौतीपूर्ण व सम्मानजनक है। राष्ट्र की सुरक्षा का अहम दायित्व आप पर है। उन्होंने बीएसएफ के परिजनों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आपका सहयोग प्रंशसनीय है।उक्त अवसर पर बीएसएफ के जवानों द्वारा बैंड डिस्प्ले एवं योगा का भी प्रदर्शन किया गया।
राज्यपाल ने सीमा सुरक्षा बल द्वारा लगाये गये शस्त्र प्रर्दशनी का अवलोकन किया।उक्त अवसर पर विधायक मनीष जयसवाल, पुलिस उप-महानिरीक्षक हजारीबाग जोन, उपायुक्त नैंसी सहाय एवं पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे समेत बीएसएफ मेरू कैम्प के अधिकारीगण व जवान उपस्थित थे।
राज्यपाल ने हुटपा व नयाखाप पंचायत का भ्रमण कर,योजनाओं के प्रति जागरूक होने का दिया संदेश
राज्यपाल ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय, हुटपा, में बच्चों से संवाद स्थापित करते हुए मध्याह्न भोजन के संदर्भ में जानकारी प्राप्त की तथा बच्चों को मन लगाकर पढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया।राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने बीएसएफ मेरू कैम्प, हजारीबाग में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह में भाग लेने के उपरांत हुटपा, हजारीबाग स्थित पंचायत भवन जाकर वहां ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने सखी मंडल की महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने कहा कि पति-पत्नी एक ही गाड़ी के दो पहिये होते हैं, दोनों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। उन्होंने उक्त अवसर पर कहा कि सभी लोगों को केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिये तथा आय का सदुपयोग करना चाहिए,आमदनी को प्राथमिकता के आधार पर ख़र्च करना चाहिए तथा नशापान जैसी बूरी आदतों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों से बच्चों को शिक्षित करने हेतु विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी कई योजनाएं सरकार द्वारा संचालित हैं। उन्होंने लोगों से लड़ाई -झगड़े से दूर रहते हुए संगठित होकर रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसी योजना का लाभ प्राप्त करने में समस्या आ रही हो तो लोग जिला प्रशासन व जन-प्रतिनिधि से संपर्क स्थापित कर योजना का लाभ प्राप्त करें। इस क्रम में ग्राम के मुखिया की अहम भूमिका है।
राज्यपाल ने ग्रामीणों से झारखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, दिव्यांग पेंशन योजना, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर योजना आदि की जानकारी प्राप्त की।उक्त अवसर पर राज्यपाल द्वारा मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन योजना, प्रधानमंत्री कृषि योजना, ट्राई साइकिल योजना के लाभुकों के मध्य परिसंपत्ति का वितरण किया गया। इसके उपरांत राज्यपाल राजकीय प्राथमिक विद्यालय, हुटपा, हजारीबाग जाकर बच्चों से संवाद स्थापित करते हुए मध्याह्न भोजन के संदर्भ में जानकारी प्राप्त की तथा बच्चों को मन लगाकर पढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने पाकशाला का निरीक्षण किया तथा वहां उपस्थित ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया।उक्त अवसर पर राज्यपाल ने उपायुक्त से कहा कि आवास योजनान्तर्गत जिन लाभुकों को लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र ही योजना के लाभ से आच्छादित किया करें।
मेहनत व समर्पण से अर्जित उपलब्धि स्थायी व सुखद होता है: राज्यपाल
इसके उपरांत राज्यपाल ने हजारीबाग सदर प्रखंड के नयाखाप पंचायत गए। उक्त अवसर पर उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से उज्जवला योजना, आवास योजना के संदर्भ में पृच्छा करते हुए कहा कि कितने लोगों को लाभ प्राप्त हुआ है एवं किन्हें चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लाभुकों को आवास योजना का प्राप्त नहीं हुआ है, वे ग्रामसभा के माध्यम से आवेदन दें ताकि अग्रेतर कार्रवाई हो सके। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित योजना के संदर्भ में पृच्छा की। राज्यपाल ने कौशल विकास के संदर्भ में भी जानकारी प्राप्त की।
राज्यपाल ने कहा कि सम्पन्न होने के लिए मेहनत करना पड़ता है, सिर्फ स्वप्न से नहीं होता है। उन्होंने कहा कि सफल होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है,लेकिन सफलता निश्चित होती है। उन्होंने कहा कि परिश्रम व समर्पण से अर्जित उपलब्धि स्थायी व सुखद होता है। ईश्वर अच्छे लोगों की मदद करते हैं। उक्त अवसर पर राज्यपाल द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों के मध्य परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। वे वहां उपस्थित स्कूली बच्चों से भी मिले तथा उन्हें पढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया।





