हजारीबाग। हजारीबाग भाजपा के जन-जन के बीच लोकप्रिय और कार्यकर्ताओं के प्रेम के प्रगाढ़ता के प्रतीक रहें भाजपा के वरिष्ठ नेता काली साव शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका अंतिम संस्कार हजारीबाग के खीरगांव स्थित मुक्तिधाम में हुआ। गाजे- बाजे के साथ भाजपा झंडा में लपेटकर भव्य शव यात्रा उनके ओकनी मुहल्ला स्थित आवासीय परिसर से निकला जो पैगोडा चौक, झंडा चौक होते हुए मुक्तिधाम पंहुचा।





इस दौरान कई स्थानीय गणमान्य भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने उनके शव पर पुष्प और अंग वस्त्र चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और नमन किया। तत्पश्चात शव यात्रा में भाजपा के कई गणमान्य नेतागण, कार्यकर्तागण, अन्य सामाजिक और राजनितिक दलों के नेतागण, शहर के प्रबुद्ध बुद्धिजीवी वर्ग और कई धर्म- सम्प्रदाय के लोग शामिल हुए और नम आँखों से उन्हें विदाई दी।शव यात्रा में शामिल लोगों ने जब तक सूरज चाँद रहेगा काली साव जी का नाम रहेगा काली साव अमर रहे आदि नारों लगाते हुए उनके शव यात्रा में चल रहे थे।





खिरगांव मुक्तिधाम धाम श्मशान घाट में सदर विधायक मनीष जायसवाल सहित उनके कई पुराने साथी और भाजपा के नेता एवं कार्यकर्ता गण मौजूद रहे और उन्हें नमन कर अंतिम विदाई दी। काली शव को मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र अर्जुन गुप्ता ने दिया। ये अपने पीछे दो पुत्र अर्जुन गुप्ता और विनोद गुप्ता सहित दो पुत्री एवं भरा पूरा परिवार छोड़ गए ।





काली साव के निधन पर सदर विधायक मनीष जायसवाल ने कहा की जनसंघ के द्वार से अब तक कार्यकर्ताओं के मनोभाव में काली साहू के प्रति आदर और सम्मान बरकरार रहा। यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि वह मेरे अभिभावक और मार्गदर्शक रहे हैं मेरे लिए उनका निधन अपूरणीय क्षति है। उन्होंने यह भी कहा कि इनकी सादगी और सक्रियता बेजोड़ थी ।





80-90 दशक के चर्चित चार के वाले भाजपा नेताओं में शुमार थे काली साव





हजारीबाग शहर के ओकनी मोहल्ला के रहने वाले काली साव माध्यम वर्ग परिवार से थे और उनका कोई एजुकेशन बेस नहीं था। शुरुआती दिनों में सेठ मोहल्ला रोड़ में ये शीशे के वर्तन का छोटा सा दुकान संचालित करते थे।इनकी शादी कटकमदाग प्रखंड के नावाडीह स्थित पूर्णाडीह में हुई।जनसंघ काल से संगठन से जुड़े और भाजपा के लिए हमेशा कार्य करते रहें। संगठन में जिला समिति और जिला कार्यसमिति तक यह सीमित रहे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के कई राष्ट्रीय और प्रदेश के नेताओं तक इनकी एक अलग पहचान थी। भारतीय जनता पार्टी में शुरुआती समय में जब हजारीबाग में चंद लोग थे तब 4 के नाम के व्यक्ति विशेष चर्चित हुआ करते थे। इन 4 के नाम के लोगों में काली साव का नाम भी शुमार था। उस दौर के चर्चित चार के वाले जोड़ी में स्व. काशीलाल अग्रवाल, स्व.काली साव और प्रो. के.पी. शर्मा एवं के.पी. ओझा शामिल हैं। साल 1989 में जब पहली बार भाजपा से यदुनाथ पांडेय चुनाव लड़े थे तब इस जोड़ी का विशेष दौर था। काली साव ने पूरे जीवन काल अपने संपूर्ण योग्यता के अनुरूप पार्टी द्वारा दिए गए संपूर्ण जिम्मेदारियों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन किया। 1992 में जब डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी के अगुवाई में कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जा रहा था तब हजारीबाग से जो भाजपा का दल गया था उसमें काली साव शामिल थे। इसके अलावा 1992 में बाबरी मस्जिद के लिए निकले कार सेवकों की टोली में भी यह यदुनाथ पांडेय, देवदयाल कुशवाहा, लोकनाथ महतो, प्रो. के.पी. शर्मा, डॉ. गंगाधर दुबे, के.पी. ओझा, मुनींद्र शर्मा और सुमन कुमार पप्पू सहित अन्य लोगों के साथ शामिल थे। दो बार इन्होंने जेल जात्रा भी तय किया। हजारीबाग के तत्कालीन सांसद के ये दो बार प्रतिनिधि भी रहें ।