लखनऊ।भारतीय जनता पार्टी के सासंद बृजभूषण शरण सिंह ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे को रामनगरी अयोध्या में न घुसने देने का ऐलान किया है।

भाजपा सांसद ने कहा कि हम 2008 से देख रहे हैं कि राज ठाकरे मराठी मानुष के मुद्दे को बढ़ाते हुए उत्तर भारतीयों के खिलाफ एक माहौल बनाने का काम किया।मुंबई के विकास में 80 फीसदी योगदान बाहर से गए लोगों का है, जिनके साथ उन्होंने गलत किया है।रामनगरी अयोध्या आने से पहले राज ठाकरे उत्तर भारतीयों से हाथ जोड़कर माफी मांगे।





कैसरगंज से भाजपा बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया है कि जब तक राज ठाकरे माफी नहीं मांग लेते उनसे मुलाकात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से ठाकरे परिवार का कोई लेना देना नहीं है।आपको बता दें कि राज ठाकरे 5 जून को रामनगरी अयोध्या में रामलला का दर्शन करने के लिए आने वाले हैं।





भााजपा सांसद ने गुरुवार को एक के बाद एक ट्वीट कर मनसे मुखिया राज ठाकरे पर हमला बोला।उत्तर भारतीयों को अपमानित करने का अरोप लगाते हुए माफी की मांग की है।उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि उत्तर भारतीयों को अपमानित करने वाले राज ठाकरे को अयोध्या की सीमा में घुसने नहीं दूंगा। अयोध्या आने से पहले सभी उत्तर भारतीयों से हाथ जोड़कर माफी मांगे राज ठाकरे।





भाजपा सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी राज ठाकरे से न मिलने की सलाह देते हुए ट्वीट में लिखा है कि जब तक राज ठाकरे सार्वजनिक रूप से उत्तर भारतीयों से माफ़ी नहीं मांग लेते मेरा आग्रह है तब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को राज ठाकरे से नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में ठाकरे परिवार की भूमिका को नकारते हुए कहा कि राम मंदिर आन्दोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद और आमजन की ही भूमिका रही है। ठाकरे परिवार का इससे कोई लेना देना नहीं।





भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मनसे मुखिया राज ठाकरे के खिलाफ ऐसे समय पर मोर्चा खोल दिया है जब राज ठाकरे हाल ही में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवाने के लिए योगी सरकार की सराहना की है।महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर विवाद को जन्म देने वाले राज ठाकरे से भाजपा से नजदीकियां बढ़ने की चर्चा जोरो पर है। उत्तर भारतीयों को लेकर मनसे और राज ठाकरे का रवैया किसी से छिपा नही है।राज ठाकरे के इसी रवैए की वजह से भाजपा उन्हें साथ लेने में कन्नी काटती रही है।भाजपा को डर है कि महाराष्ट्र में राज ठाकरे से याराने से उत्तर भारत में नुकसान हो सकता है।राज ठाकरे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों पर महाराष्ट्र में जाकर लोगों की नौकरी छीनने और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने का आरोप लगाते रहे हैं।





आपको बता दें कि राज ठाकरे 5 जून को अयोध्या आने वाले हैं और मुंबई में कई जगहों पर भी चलो अयोध्या लिखे पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टर्स में बड़े अक्षरों में जय श्रीराम भी लिखा गया है। राज ठाकरे इन दिनों हिंदुत्व के नए पोस्टर ब्वॉय बनकर उभरे हैं और महाराष्ट्र में मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर हटाने की मांग को लेकर उन्होंने वहां की सियासत में हलचल मचा दी है। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक बड़ी रैली कर उन्होंने अपनी ताकत भी दिखाई है।





राज ठाकरे ने बीते दिनों में जिस तरह की राजनीति की है उससे ऐसा लगता है कि भाजपा राज ठाकरे के साथ महाराष्ट्र में चुनावी गठबंधन कर सकती है।यह साफ दिखता है कि भाजपा और राज ठाकरे के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं।





महाराष्ट्र में जल्द ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी के चुनाव होने हैं और इस चुनाव में एक ओर जहां महा विकास आघाडी सरकार के दल होंगे तो वहीं भाजपा को भी किसी सहयोगी की जरूरत है।ऐसे में भाजपा राज ठाकरे के साथ चुनावी गठबंधन कर सकती है,लेकिन क्या भाजपा सांसद की चेतावनी के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ सकती है।





देखना होगा कि क्या भाजपा सांसद की धमकी के बाद भी मनसे प्रमुख राज ठाकरे अयोध्या आएंगे।