प्रतिनिधि,रांची। धर्मेंद्र तिवारी अध्यक्ष भारतीय जनतंत्र मोर्चा के नेतृत्व में पार्षद झरी लिंडा (वार्ड नंबर 35) और पार्षद उर्मिला यादव (वार्ड नंबर 41) से मिलकर उनके वार्ड में जो समस्याएं हैं।उन पर चिंतन मनन किया गया और जिन समस्याओं का समाधान उनके द्वारा प्रयास करने के बावजूद नहीं हो पाया है।उसे चिन्हित किया गया। साथ ही राज्य में नगर निकाय के चुनाव में हो रहे विलंब के संबंध में भी बातचीत किया गया।वार्ड पार्षदों ने बताया कि नागरिक सेवाओं में कठिनाइयां हो रही है। लोग आशा करके उनके पास आते हैं, लेकिन कोई भी लीगल बॉडी नहीं होने के कारण उनको निराश होकर लौटना पड़ता है। इस तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाए।
क्षेत्र की समस्याएं,पेयजल की समस्या
इन दोनों वार्डों में टैंकर के द्वारा उपलब्ध कराई जा रही पेयजल की आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। मिनी एचवाई डीटी करीब-करीब फेल कर गया है।
नगर निगम पिछले 3 वर्षों से लैंपपोस्ट की लाइट की आपूर्ति बंद कर रखा है और जो वर्तमान में लाइट लैंपपोस्ट पर लगे हुए हैं।उनका रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है,जिसके कारण आए दिन अपराधिक घटनाएं घटती होती है। लोगों के बीच डर का माहौल भी बना हुआ है।
जनप्रतिनिधियों खासकर उस क्षेत्र के निर्वाचित विधायक और सांसद के द्वारा अनदेखी की जाती है। उनके द्वारा अनुशंसित कार्यों को कभी भी पूरा नहीं किया जाता है। वहीं जो उनकी पार्टी से जुड़े हुए पार्षद हैं। उनके क्षेत्र में विधायक और सांसद उदारतापूर्वक अपनी योजनाओं को देते हैं।
विधवा और वृद्धा पेंशन योजना में अभी भी हजारों की संख्या में आवेदन लंबित हैं, जिसके कारण वृद्धजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मा स्थलों की सुंदरीकरण भी होनी चाहिए।
एचईसी नागरिक सुविधाओं और जनहित कार्यों में हमेशा बाधक बताया जा रहा है। क्षेत्र में वृद्धाश्रम, पुस्तकालय और मैरिज हॉल की आवश्यकता है। उसके लिए जमीन आवंटित नहीं कर रहा है,जिसके कारण नगर निगम को इन सारी चीजों को मुहैया कराने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सदर अस्पताल के माध्यम से संचालित चलंत चिकित्सा वाहन वार्ड में एक बार लगाया जाता है, जिसमें निशुल्क दवाइयां का वितरण और जांच की जाती है। परंतु यह नाकाफी है।क्योंकि काफी बड़ा इलाका होने के कारण सभी लोगों तक यह सुविधा नहीं पहुंच पाती है। लोगों को निजी अस्पतालों में और निजी संस्थानों में जाना पड़ता है। इसलिए उन्होंने अनुरोध किया कि कम से कम महीने में 3 बार उनके क्षेत्र में हर वार्ड में यह सुविधा प्रदान सरकार के द्वारा की जाएं।
महिला स्व सहायता समूह को भी और दक्ष किया जाए। साथ ही उनके लिए बाजार की भी व्यवस्था की जाए।





