विशेष संवाददाता,रांची।भारतीय जनतंत्र मोर्चा द्वारा रांची नगर निगम अंतर्गत विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर जनसमस्याओं की जानकारी ली जा रही है। इस क्रम में गुरुवार को संपर्क-यात्रा के तीसरे दिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पार्षद ओम प्रकाश, वार्ड नंबर 27 और पार्षद अर्जुन राम, वार्ड नंबर 25 से यात्रा दल के सदस्यों ने संपर्क कर जन समस्याओं की जानकारी ली।मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी के नेतृत्व में आशीष शीतल मुंडा, शिवानी लता, अविनाश कुमार, मनोज कुमार सिंह, अविनाश सिंह और भोला यादव शामिल थे।
वार्ड पार्षद ओम प्रकाश ने बतलाया कि उनके वार्ड नंबर 27 में पेयजल की गंभीर समस्या है। लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। टैंकर भी पर्याप्त मात्रा में नहीं है और जो टैंकर है वो पेयजल लाने के लिए दूर तक जाते हैं।क्योंकि उनके एरिया में जितना भी मिनी-एचवाईडीटी है।सभी करीब-करीब सूख चुका है,जिसके कारण काफी वक्त लग जाता है। पानी भर कर लाने में और लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति नहीं हो पाती है,जिस कारण उनके एरिया में हाहाकार मचा हुआ है।नगर निगम के महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी लाभ उनके वार्ड की जनता को नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह यह है कि उसके वार्ड में कोई भी सरकारी जमीन का नहीं होना,जिसके कारण पुस्तकालय, मैरिज हॉल पार्क या वृद्धाश्रम की योजना का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।
उनके मन में मलाल रह गया है कि वह अपने एरिया में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को घर-घर में लागू नहीं करवा पाए हैं। उनका मानना है कि अगर हर घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम रहे तो पानी की समस्या स्वत: स्फूर्त निदान हो जाएगा लोगों को गर्मियों के दिनों में पानी मिल पाएगा।वह चाहते हैं कि सरकार नगर निगम का चुनाव यथाशीघ्र कराए, क्योंकि आम जनों को चयनित पार्षद नहीं होने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें छोटे-छोटे कार्यो के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।मानवबल की कमी उनके वार्ड में हमेशा से रहे झाड़ू लगाने के लिए महिला कर्मचारियों का हमेशा अभाव रहा,जिसके कारण साफ-सफाई हमेशा बारिश होती रही और लोगों कचरे का निष्पादन समय पर नहीं हो पाया। घरों के जल मल का प्रवाह सीधे हरमू नदी में हो रहा है, जिसके कारण नदी के बहाव के नीचे रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इसके लिए अपने स्तर पर हमेशा आवाज उठाते रहे हैं।
वहीं, वार्ड 25के पार्षद अर्जुन राम ने बतलाया कि उनके क्षेत्र में एक बड़ा कडरू तालाब आता है, जो जनवरी महीने में ही सूख जाता है।वह एकमात्र संसाधन था जल संरक्षण का, उसके लिए उन्होंने उपाय बताया कि अगर हज हाउस का रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाए और उसके पानी को कडरू तालाब में डाला जाए तो पानी हमेशा तालाब में बना रहेगा। तालाब का सुंदरीकरण हो जाए चलने के स्थानों पर पेवर ब्लॉक लग जाए। बैठने के लिए कुर्सियां लग जाए। चारों ओर विद्युत के खंभे लग जाएं और लाइट लगाई जाए तो शाम और सुबह टहलने का स्थान बन जाएगा।उनके क्षेत्र में भी पेयजल की समस्या विकराल है। लोगों के घरों का बोरिंग फेल हो गया है। वाटर का लेवल 600 फीट से ज्यादा नीचे चला गया है,जिसके कारण पहले के बोरिंग फेल होते जा रहे हैं। टैंकरों के द्वारा पानी तो सप्लाई किया जा रहा है, परंतु वह पर्याप्त नहीं है।
वार्ड में लाॅ एंड आर्डर की समस्या भी है।उनका मानना है कि उनके क्षेत्र में बृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाए और सभी घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सुनिश्चित किया जाए ताकि रेन वाटर का संचयन हो सके।





