वाराणसी।मकर संक्रांति के पर्व पर आध्यात्मिक नगरी काशी में जन सैलाब उमड़ा हुआ है।काशी के सभी घाट सुबह से स्नान के लिए श्रद्धालुओं से पटे हुए दिखाई दे रहे हैं।श्रद्धालु भक्ति भाव से मां गंगा की प्रार्थना के साथ ही डुबकी भी लगा रहे हैं।
बता दें कि मकर संक्रांति पर्व शनिवार और रविवार दो दिन मनाया जाएगा।काशी विद्वत परिषद का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह से भ्रामक है कि मकर संक्रांति 14 जनवरी को आती है।ज्योतिषाचार्यों की मानें तो अब 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी।
आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि 14 जनवरी को सूर्य धनु राशि से रात 3.02 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। पर्व पर ग्रह नक्षत्र एवं ग्रह बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।वहीं 15 जनवरी को स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर शाम 5 बजकर 18 मिनट तक है।रविवार को ही स्नान- दान-पुण्य और तिल-गुड़ खाने का विधान है और कल ही खिचड़ी भी खाई जाएगी।





