पूर्वांचल सूर्य इंपैक्ट





लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हासिल करने में जुटा प्रशासन





जितेंद्र ज्योतिषी





चाईबासा।पश्चिम सिंहभूम जिले में वोटर लिस्ट में नए मतदाताओं को जोड़ने का काम चल रहा है। इसके लिए 18 दिसम्बर तक की तिथि निर्धारित की गई है। इस अवधि तक कार्य को पूरा करना है,ताकि आगामी 5 जनवरी,2023 तक नई मतदाता सूची का प्रकाशन हो सके,लेकिन इस दिशा में संबंधित विभाग के उदासीन रवैये के कारण चाईबासा में यह अभियान गति नहीं पकड़ रहा है।





इस संबंध में पूर्वांचल सूर्य वेब न्यूज पोर्टल में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन की नींद टूटी।उपायुक्त अनन्य मित्तल ने इसे गंभीरता से लेते हुए नए वोटरों को मतदाता सूची में जोड़ने के लिए निर्धारित लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया है।





गौरतलब है कि चाईबासा-52 में कुल वोटरों की कुल संख्या 2,18,900 के लगभग है।इसमें चाईबासा शहरी इलाके में 45 हजार वोटर के लगभग है, जिसमें नये युवा वोटर की संख्या में इजाफा हुआ है,ऐसे ही युवा वोटर को नई मतदाता सूची से जोड़ना था,लेकिन नई मतदाता सूची तैयार करने में योगदान देने वाले लोगों के उदासीन रवैये के कारण 18 दिसम्बर तक के निर्धारित लक्ष्य में से लगभग 6000 युवा मतदाताओं में से 1800 वोटर तक ही इस कार्य मे लगे लोग पहुंच बना पाये हैं। शेष 3200 यूथ तक 18 दिसम्बर तक कितनी पहुंच बनेगी!यह चिंता का विषय है,इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा चिंता राजनीतिक दलों को है।सभी दलों के बीच तरह तरह की चर्चा का बाजार भी गर्म है,आखिर इसमें दोष किसका है,कर्मियों का, राजनीतिक दलों का या पब्लिक का, आज यही चिंता का विषय है।





क्या कहते हैं राजनीतिक दल





लोकतंत्र के लिये यह उदासीनता शुभ संकेत नहीं माना जा सकता है।यह कहना है झामुमो के जिला महासचिव सोना देवगम का।देवगम का मानना है,यूथ वोटर को लेकर ऐसे रवैये को कहीं से भी उचित नहीं ठहराया जा सकता‌। उनका यह भी कहना है कि इसके लिये वे लोग पूरी तरह से दोषी हैं,जो इस कार्य मे लगे हैं।नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए सरकार द्वारा प्रचार प्रसार पर लाखों रुपये खर्च हुए। बावजूद इसके युवाओं में जागरूकता नहीं आना चिंता का विषय तो है।





आजसू के जिलाध्यक्ष सुजीत गिरी का कहना है कि अगर प्रशासन के स्तर पर ठीक तरह से काम हो तो ऐसी नौबत न आये,आखिर हम युवाओ को लोकतंत्र के प्रति क्यों नहीं जागरूक कर पा रहे हैं। कमी कहीं न कहीं है, सिर्फ राजनीतिक दल की बूथ एजेंटो की सूची दे देने से जागरूकता आएगी, यह सोचना बेमानी है। हर वर्ष युवाओं की नई पीढ़ी वोटर बनने लायक हो जाती है। लेकिन मतदाता सूची में कई लोगों का नाम जुड़ ही नही पाता है।





कांग्रेस नेता त्रिसानु राय का कहना है कि हमारे दल ने इसे बहुत गम्भीरता से लिया है।‌ हम इस विषय को लेकर उच्च स्तर पर चर्चा करेंगे। कोई भी मतदाता वोट के अधिकार से वंचित नही होना चाहिये।भाजपा के वरिष्ठ नेता अनूप सुल्तानिया ने भी इसे गम्भीर मसला बताया है। कहा है कि गड़बड़ तो है। पूरे प्रकरण में जनता और युवा वर्ग उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।





इस संबंध में निर्वाची निबंधक पदाधिकारी सह एसडीएम सशिन्द्र बड़ाइक का कहना है कि यह वोटर में जागरूकता की कमी और अपने चुनावी अधिकार के प्रति उदासीनता का परिणाम है। यूथ मतदाताओं के लिये माता पिता को भी जागरूक होना पड़ेगा। अभिभावक अगर जागरूक नहीं होंगे तो बीएलओ और बीएलए क्या करेंगे? आवश्यकता इस बात की है कि जन जागरूकता अभिभावकों और नई पीढ़ी में विशेष रूप से लायी जाये।





पिछले 10 सालों में नहीं बनाये गये बीएलए





नये वोटरों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के प्रति सरकारों का रवैया भी उदासीन रहा है।





शहरी इलाकों में पिछले 10 वर्षों से नहीं है युवाओं में मतदाता सूची में अपना नाम चढ़वाने की उत्सुकता





लोगों को दायित्व बोध कराने हम घर घर जा रहे हैं





अनन्य मित्तल उपायुक्त वोटर लिस्ट अपग्रेडेशन और जागरूकता लाने के लिये जिले के उपायुक्त अनन्य मित्तल इनदिनों चाईबासा में घर घर जा रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने चाईबासा के कई वार्डों का दौरा किया। इस दौरे के पश्चात उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुये कहा कि हम लोगों को जागरूक करने घर घर जा रहे हैं, ताकि लोकतंत्र में सम्पूर्ण जन सहभागिता सुनिश्चित हो। जिस युवा का वोटर कार्ड नहीं है,बी एल ओ घर घर जा कर मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज करवा रहे हैं।