रांची।मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपियों द्वारा राजधानी रांची की बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बर्थडे पार्टी और जश्न मनाने की सूचना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिली थी।सूचना पर ईडी की टीम ने जेल प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज मांगा था। जेल प्रशासन ने ईडी द्वारा भेजे गए पत्र के आलोक में पीएमएलए कोर्ट में पिटिशन दाखिल कर यह जानना चाहा था कि फुटेज देना न्यायसंगत है या नहीं।जेल प्रशासन की याचिका पर कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज ईडी को सौंपने का आदेश दिया है।





ईडी ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी प्रशासनिक और राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली हैं। इसलिए संबंधित आरोपियों के जेल जाने के बाद से ही उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।आरोपियों को जेल में गलत तरीके से दी जा रही सुविधाओं की जानकारी जुटायी जा रही थी। इस दौरान ईडी को पिछले दिनों एक अभियुक्त का बर्थडे पार्टी मनाये जाने की सूचना मिली। इस पार्टी में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपियों के साथ जेल के कुछ कर्मचारियों और दूसरे अभियुक्तों के शामिल रहने की सूचना है।ईडी को विभिन्न स्रोतों से यह जानकारी भी मिली है कि मनी लॉन्ड्रिंग के अभियुक्त अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सुबह से देर रात तक जेल अधिकारियों के कमरे में ही बैठे रहते हैं।जेल अधिकारी चाह कर भी उन्हें रोकने में असमर्थ हैं।आरोपी गलत तरीके से फोन का इस्तेमाल करते हैं।जब जिससे चाहते हैं, मुलाकात करते हैं।





ईडी के अधिकारियों ने इन सूचना पर जेल प्रशासन को पत्र लिख कर जेल के सीसीटीवी फुटेज की मांग की।इसके बाद जेल की ओर से पीएमएलए कोर्ट में एक याचिका दायर की गयी। इसमें अदालत को बताया गया कि यह मामला जेल की सुरक्षा से जुड़ा है। इसलिए न्यायालय इस मामले में उचित आदेश पारित करे। न्यायालय ने सीसीटीवी फुटेज ईडी को देने का निर्देश दिया।





अभी मनी लॉन्ड्रिंग





के ये आरोपी जेल में बंद हैं





पूजा सिंघल





राम विनोद सिन्हा





सुमन कुमार सिंह





प्रेम प्रकाश





बच्चू यादव





अमित अग्रवाल





ज्ञान प्रकाश सरावगी





राजू कुमार वर्मा





संजय तिवारी





पूजा सिंघल की जमानत पर सुनवाई कल





मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार आईएएस पूजा सिंघल की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में 12 दिसंबर को सुनवाई होगी। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद पूजा सिंघल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। पूजा सिंघल की याचिका न्यायमूर्ति न्यायाधीश संजीव किशन कौल और न्यायमूर्ति न्यायाधीश अभय एस ओका की पीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गयी है।