रांची।मांडर और चान्हो प्रखंड की विकास योजनाओं में अनदेखी पर रविवार को दर्जनों जिला पंचायत सदस्य गोलबंद हो गए।जिला पंचायत अध्यक्ष निर्मला भगत के नेतृत्व में सड़क पर विरोध करने उतरे जिला पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि मांडर विस क्षेत्र में विकास कार्यों के शिलान्यास व उद्घाटन में लगातार उनकी उपेक्षा हो रही है।न तो उन्हें कार्यक्रम की सूचना दी जाती है और न ही आमंत्रित किया जाता है।विरोध से विधायक शिल्पी नेहा तिर्की को बिसाहा खटंगा गांव में रविवार को प्रस्तावित स्वास्थ्य उपकेंद्र का शिलान्यास कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।
बताया गया कि 15वें वित्त से मांडर के बिसाहा खटंगा और चान्हो के चामा गांव में लगभग 55 लाख की लागत से स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन का निर्माण होना है।रविवार को विधायक को योजनाओं का शिलान्यास करना था।निर्माण स्थल पर शिलापट्ट भी लगाए जा चुके थे।इस बीच विरोध कर रहे जिला पंचायत सदस्य मांडर और चान्हो में लगाए गए शिलापट्ट पर पेंट और कालिख पोत दी।उन्होंने कहा कि वे तानाशाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे।मौके पर परमेश्वर भगत, आदिल अजीम, आशुतोष तिवारी, इतवारी कुजूर, विनोदित तिग्गा समेत सहित बेड़ो, इटकी व लापुंग के जिला परिषद सदस्य मौजूद थे।
विधायक शिल्पी नेहा तिर्की का कहना है कि किसी योजना के शिलान्यास या उद्घाटन की जानकारी जनप्रतिनिधियों को देने का जिम्मा विभाग का होता है। जिला पंचायत सदस्य व अन्य जनप्रतिनिधियों को योजनाओं के शिलान्यास की जानकारी दे दी जाती है। प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।
जिला पंचायत अध्यक्ष निर्मला भगत का कहना है कि यहां 15वें वित्त की राशि से काम हो रहा है।जिला परिषद की योजना में ही जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्य की अनदेखी हो रही है।किसी भी शिलान्यास में राय लिए बगैर काम हो रहा है। शिलान्यास की सूचना तक नहीं दी जाती।यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
जिला पंचायत सदस्य आदिल अजीम का कहना है कि 15वें वित्त की राशि से बिसाहा खटंगा व चामा में स्वास्थ्य केंद्र बनना है।यहां बगैर किसी सूचना के विधायक द्वारा शिलान्यास का प्रयास हो रहा था।जिला पंचायत अध्यक्ष या सदस्यों को सूचना तक नहीं दी गयी थी।इसलिए विरोध करना पड़ा।





