मेगा विधिक सशक्तिकरण शिविर का आयोजन
स्थानीय भाषा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का प्रचार प्रसार हो :मुख्य अतिथि
प्रतिनिधि,सिमडेगा। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची झारखंड के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिमडेगा एवं जिला प्रएशासन, सिमडेगा के द्वारा मेगा सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति न्यायाधीश झारखंड उच्च न्यायालय,रांची -सह- प्रशासनिक न्यायाधीश, सिमडेगा न्यायमंडल के अनुभा रावत चौधरी एवं विशिष्ट अतिथि पद्मश्री मुकुंद नायक उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक नगाड़ा ढोल के साथ किया गया। कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों द्वारा नगर भवन स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित की गई। कैंप का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह- अध्यक्ष जिला विधिक प्राधिकार सिमडेगा के राजकमल मिश्र द्वारा सभा को संबोधित करते हुए विधिक सेवा प्राधिकार के बारे में लोगों को जानकारी दी गई।
न्यायमूर्ति अनुभा रावत ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहां कि आपने देखा कि हम लोगों ने एक मोमबत्ती से सारे दीपक जला दिये और यही एक दीपक सारे अंधकार को दूर करने की क्षमता रखता है। मैं आशा करती हूं आज जितने भी लाभुकों को लाभ मिल रहा है।अपने क्षेत्र में जाकर कम से कम 10 लोगों को प्रेरित करेंगे अर्थात 10 दीपक को जलाएं, जिससे कि लोगों में जानकारी बढ़े। ज्यादा से ज्यादा संख्या में लीगल सर्विसेस अथॉरिटी के पास आए और अपने हक को ले। ये जो किया जा रहा है ये आपका अधिकार है। कोई आपके ऊपर एहसान नहीं कर रहा है, ना ही कोई आपको लाभ दे रहा। इसके लिए आपको किसी को रुपए देने की आवश्यकता नहीं है। आपका संवैधानिक अधिकार है और यह आपको मिलना ही चाहिए और मिलेगा ही। ऐसा हमारा प्रण है। मेरी यही कोशिश रहेगी कि सिमडेगा जिला का कोई भी व्यक्ति किसी भी लाभ से वंचित न रहा जाए।
न्यायमूर्ति ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से ह्यूमन ट्रैफिकिंग एवं चाइल्ड ट्रैफिकिंग को रोकने हेतु जागरूक होने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि सिमडेगा में अधिक चाइल्ड ट्रैफिकिंग होती है। आपके बच्चों को बड़े शहर ले जाकर अत्याचार किया जाता है। इसके प्रति जागरूक हो और बच्चों को अच्छी शिक्षा दें।खाना दे या ना दे पर बच्चों को बाहर कार्य करने हेतु ना भेजें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाएं आपके लिए चलाई जा रही है। जैसे- आपको आधार कार्ड की जरूरत है, राशन कार्ड की जरूरत है, कुआं की जरूरत है, डीप बोरिंग की जरूरत है, स्कूल की जरूरत है या बच्चों की पढ़ाई के खर्च की जरूरत है यह सरकार की जिम्मेवारी है।
न्यायमूर्ति ने पद्मश्री मुकुंद नायक को झारखंडी गीत के माध्यम से सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को आम-जनों तक पहुंचाने की बात कहीं। साथ ही जिला जनसंपर्क विभाग को स्थानीय भाषाओं में रेडियो, नुक्कड़ नाटक एवं अन्य माध्यमों से सरकार की योजनाओं का प्रचार - प्रसार कर आमजन को जागरूक करने को कहा।सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि इस पर आप ध्यान दें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका लाभ पहुंचाएं। न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी एवं पद्मश्री मुकुंद नायक को स्मृति चिन्ह भेंट की गई। पद्मश्री मुकुंद नायक के द्वारा झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संबंधित लोक गीत के माध्यम से आम जनों को योजना के प्रति जागरूक किया।
जिला प्रशासन, सिमडेगा की ओर से उप विकास आयुक्त अरुण वाल्टर सांगा के द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथिगण, ग्रामीणजन, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बंधुओं को उनकी गरिमामय उपस्थिति के लिए धन्यवाद ज्ञापन दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा 22 हजार पांच सौ 69 लाभुकों के बीच कुल 33 करोड़ की परिसंपत्ति का वितरण किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों के द्वारा लगाए गए स्टॉल का अतिथियों द्वारा भ्रमण किया गया एवं विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली गई तथा न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी के कर कमलों द्वारा अनाबद्ध निधि योजना अंतर्गत कार्यपालक अभियंता एनआरईपी एवं राज्य संपोषित योजना अंतर्गत कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, सिमडेगा द्वारा क्रियान्वित योजना के तहत पीसीसी पथ निर्माण का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में डीएलएसए झालसा की टीम, समस्त पदाधिकारीगण, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बंधुगंण एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।





