रांची।आरएमसीएच 33 केवी पावर सबस्टेशन अब सीधे नामकुम ग्रिड से जुड़ेगा।इस प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू हो गया है।नामकुम-रिम्स लाइन चालू होने के बाद पीएचईडी,विकास से लेकर रुक्का पीएसएस से जुड़े लगभग तीन लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार कांटाटोली चौक से 440 स्क्वॉयर एमएम क्षमता के आठ केबल बंच जमीन के नीचे से होकर गुजरेंगे।इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद नामकुम ग्रिड से कोकर इलाके की छतों से होकर गुजर रहे 33 केवी के हाई वोल्टेज केबल हट जाएंगे।इसके बाद आंधी-तूफान में भी नामकुम और कांके दोनों ग्रिड से बिजली निर्बाध तरीके से मिलेगी।इस मुख्य सर्किट के बनने के बाद इसका फायदा ओवर हेड तारों से जुड़े आरएमसीएच लिंक लाइन को होगा, क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा अंडरग्राउंड तरीके से कवर्ड हो जाएगा।
दो चरणों में पूरा होगा काम
जेबीवीएनएल और जुडको के बीच सहमति बनने के बाद यहां दो चरणों में काम पूरा होगा।पहले चरण में नामकुम से लोआडीह होते हुए कांटाटोली चौक तक और दूसरे चरण में रिम्स से कोकर रूरल और कोकर अर्बन पावर सब स्टेशन से लेकर हजारीबाग रोड की ओर से होते हुए कांटाटोली चौक के पहले तक।कांटाटोली के दोनों छोर तक तार को जमीन के अंदर बिछाने का काम तेजी से चल रहा है।
मार्च से पहले करना है कार्य
रिम्स को अंडरग्राउंड केबल से जोड़ने का काम झारखंड संपूर्ण बिजली आच्छादन योजना (जसबे-2) के तहत मार्च के पहले तक पूरा करना है।पिछले साल से ही फ्लाईओवर का काम देख रहे जुडको से तार बिछाने (आरओडब्लू) के लिए मंजूरी लेने का प्रयास हो रहा है।





