रांची।पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भाजपा से निलंबित नेता नुपूर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में कुछ लोगों ने हंगामा और पथराव किया।इसके बाद पुलिस को भीड़ भगाने के लिए बल का प्रयाग करना पड़ा।हिंसा के मद्देनजर प्रशासन ने देर शाम शहर के कुछ हिस्सों में धारा 144 लगा दी है।अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए रांची जिला प्रशासन ने जियो फाइबर समेत दूसरे मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों की इंटरनेट सेवा फिलहाल बंद करा दी है। कुछ इलाकों में रांची सदर एसडीओ के आदेश से धारा 144, कर्फ्यू लगाया गया है।





जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के बाद मौके पर पहुंचे शहर के उपायुक्त छविरंजन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रांची शहर के प्रभावित इलाकों में तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लगा दिया था।पुलिस ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में लाउडस्पीकर से इसकी घोषणा की थी।हालांकि, देर शाम लगभग पौने छह बजे स्थिति नियंत्रण में देखते हुए उपायुक्त छविरंजन ने अपना आदेश बदला और कर्फ्यू के स्थान पर मेन रोड समेत शहर के कुछ अन्य इलाकों में धारा 144 लगाने का आदेश जारी किया है।





नुपूर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों ने मेन रोड पर जमकर हंगामा किया और हनुमान मंदिर तक भारी पथराव और हिंसक संघर्ष किया‌।हिसंक झड़प में रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, स्थानीय डेली मार्केट के थानेदार समेत दर्जन भर पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े और हवा में गोली भी चलानी पड़ी थी।





रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र कुमार झा ने पीटीआई भाषा को बताया कि आज शहर के मेन रोड इलाके में जुमे की नमाज के बाद एकरा मस्जिद और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में जमा उपद्रवियों ने पथराव किया और कुछ स्थानों पर गोलीबारी भी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और हवा में गोलियां चलायीं। स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा।





उन्होंने बताया कि सैकड़ों की संख्या में पथराव कर रहे उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा,लेकिन इससे भी जब बात नहीं बनी तो पुलिस को हवा में गोलियां चलानी पड़ी।





पुलिस सूत्रों ने बताया कि उपद्रवियों की गोलीबारी और पथराव में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा डेली मॉर्केट के थानाध्यक्ष समेत अनेक पुलिसकर्मी एवं दर्जन भर आम लोग भी घायल हुए हैं। घायलों में से कई लोगों की हालत गंभीर बतायी जा रही है।





रांची जिला प्रशासन की ओर से देर शाम जारी नये आदेश में कहा गया है कि रांची जिला प्रशासन द्वारा सुजाता चौक से फिरायालाल चौक तक और मेन रोड तथा उसके दोनों ओर 500 मीटर की दूरी तक धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रभावित क्षेत्र में 5 या 5 से अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर पाबंदी है।





मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज हुई हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज हुई हिंसा की घटना बहुत चिंताजनक है, लेकिन मैं लोगों से शांति बनाये रखने की अपील करता हूं। जो लोग हिंसा में शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।





डेली मॉर्केट के व्यापारिक संघ के अध्यक्ष मोहम्मद हासिम ने बताया कि मुसलमानों ने पैगंबर साहब के खिलाफ टिप्पणी करने वाले भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की मांग के साथ जुलूस निकालने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें जुलूस नहीं निकालने दिया गया जिसके बाद स्थिति बिगड़ गयी।





व्यवस्थापकों एवं आसपास के प्रसाद विक्रेता दूकानदारों ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के द्वार, झंडे आदि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, प्रसाद की दुकानों पर रखे प्रसाद को नीचे गिरा दिया। उन्होंने बताया कि मंदिर के निकट हिंदू संगठनों के विरोध के बाद और पुलिस के पहुंचने पर उपद्रवी वहां से पीछे हटे।





वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झा ने बताया कि पूरे शहर में और विशेष रूप से मेन रोड इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है और अन्य इलाकों से केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और बलों की टुकड़ियां वहां भेजी गयी हैं।उन्होंने बताया कि घायलों को सदर अस्पताल और रिम्स में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। इस बीच उपद्रवियों के सड़क से शाम लगभग पांच बजे पीछे हट जाने के बाद मेन रोड और आसपास की गलियों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और लोगों से घरों से बाहर न निकलने की लाउडस्पीकर पर चेतावनी दी। उपद्रवी भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपूर शर्मा एवं दिल्ली के मीडिया प्रमुख नवीन जिंदल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।