रांची।झारखंड की राजधानी रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्‍थान(रिम्स) में काम करने वाले लांड्री और सेंट्रल स्टेराइल सप्लाई डिपार्टमेंट विभाग के कर्मी अपने बकाए वेतन के भुगतान की मांग को लेकर गुरुवार सुबह से ही हड़ताल पर चले गए।जिससे रिम्स में सारे आपरेशन बंद कर दिए गए। किसी भी विभाग की ओटी नहीं खुल सकी।ओटी में डाॅक्टरों के लिए ना ही कोई स्टरलाइज सामान पहुंच सका और ना ही गाउन, कपड़ा और चादर तक उपलब्ध कराए जा सके।





हड़ताल की वजह से टली 65 मरीजों की सर्जरी





अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे लांड्री कर्मियों ने किसी तरह की सफाई का काम नहीं किया। लगभग 40 मरीजों की सर्जरी नहीं हो सकी।आर्थो और गायनी में 25 मरीजों की सर्जरी नहीं हो पाई। कुल मिलाकर लगभग 65 मरीजों की सर्जरी नहीं हो सकी।





हड़ताल से काफी परेशान हुए मरीज





इस दौरान राहत की बात यह रही कि गायनी विभाग की ओर से इमरजेंसी सर्जरी चालू रही और लेबर रूम में गर्भवतियों की जरूरी सर्जरी पूरी की गई।हड़ताल से मरीज काफी परेशान रहे,क्‍योंकि काफी लंबे इंतजार के बाद उन्‍हें सर्जरी का वक्‍त मिला था, लेकिन प्रबंधन की व्यवस्था ऐसी रही कि समय मिलने के बाद भी सर्जरी पूरी नहीं हो पाई। सर्जरी विभाग में कई ऐसे केस थे जिनकी सर्जरी बेहद जरूरी बताई जा रही थी।





रिम्‍स प्रबंधन ने सफाई में कही ये बात





इस मुद्दे पर अपनी सफाई पेश करते हुए रिम्स प्रबंधन की ओर से पीआरओ डाॅ. राजीव रंजन ने कहा कि रिम्स में ऑउट सोर्स के माध्‍यम से रखे गए लांड्री कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की सूचना मिलते ही अस्‍पताल प्रबंधन ने संबंधित एजेंसी के अधिकारी से बात कर तत्काल बकाया वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया है। एजेंसी ने यथाशीघ्र अपने स्तर से कुछ भुगतान करने का आश्वासन दिया है।