लखनऊ।लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा उर्फ टेनी का मुख्य आरोपी बेटा आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी पर सुनवाई अब 30 मई को लखनऊ में होगी।इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी पर सुनवाई हो रही थी।जस्टिस कृष्ण पहल की सिंगल बेंच में बुधवार को सुनवाई के दौरान किसानों की तरफ से काउंटर एफिडेविट फाइल किया गया। हालांकि अब आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी पर अगली सुनवाई 30 मई को होगी।





कोर्ट ने कहा था- केंद्रीय मंत्री बयान न देते तो यह घटना नहीं होती



इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 9 मई को लखीमपुर हिंसा कांड में चार आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया था। जस्टिस डीके सिंह की खंडपीठ ने अंकित दास, लवकुश, सुमित जायसवाल और शिशुपाल की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि अगर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कथित बयान नहीं दिया होता तो ये घटना नहीं होती।केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा उर्फ टेनी ने किसानों को वहां से खदोड़ने की कथित रूप से धमकी दी थी।





कोर्ट ने यह भी कहा था कि नेताओं को गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए, क्योंकि उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अपने उच्च पद की गरिमा का ख्याल रखेंगे।कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया था कि सांसदों को कानून तोड़ने वालों के रूप में नहीं देखा जा सकता और यह विश्वास करना मुश्किल है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री सीआरपीसी की धारा 144 के प्रावधानों से अनजान थे।





आपको बताते चलें कि पिछले साल लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में एक महिंद्रा थार ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 4 किसानों को कुचल दिया था।इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने थार में सवार भाजपा के 2 कार्यकर्ताओं और एक चालक को पीट-पीट कर मार डाला और इस हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई थी।किसानों की हत्या के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा उर्फ टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया है।इस घटना की एफआईआर के बाद मुख्य आरोप समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।मामले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया।