वरीय संवाददाता,रांची। भाकपा, माकपा वामदलों की ओर से अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर 28 मई (रविवार) को होने वाले नये संसद भवन के उद्घाटन का विरोध किया गया।पुतला दहन कार्यक्रम में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ,जिला सचिव अजय कुमार सिंह ,सीपीआईएम के एसके राय मौजूद थे।
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री अपनी तानाशाही रवैया को अपनाते हुए देश के प्रथम नागरिक आदिवासी महिला राष्ट्रपति को संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर नहीं बुलाकर अपमान किया गया है। संसद के अंदर जो भी बिल पास होता है या संसद के अंदर जो भी कानून बनाया जाता है।राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से लागू होता है।देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति को उद्घाटन के मौके पर नहीं बुलाकर अपमान किया गया है । इसीलिए देश के 21 राजनीतिक दलों के लोगों ने बहिष्कार किया, उसी के विरोध में पुतला दहन किया गया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि तानाशाही के कारण देश का लोकतंत्र खतरे में है। देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और लाल झंडा हर तरह की कुर्बानी देने को तैयार है। इसीलिए संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर सुबह 9 बजे 28 मई को अल्बर्ट एक्का चौक के समक्ष संविधान के पाठ कर संविधान को बचाने के लिए संकल्प लेंगे।
पुतला दहन कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव महेंद्र पाठक, जिला सचिव अजय कुमार सिंह ,सीपीआईएम के एसके राय, सीपीआई के इम्तियाज खान , आलोका कुजुर, शुभा कुमारी, राजेंद्र रविदास सुमन राव इरशाद अंसारी, हसीब अंसारी, धर्मवीर सिंह, मोहम्मद फिरोज ,गुलाम रसूल, रंजू कुमारी श्रीवास्तव, सुरेंद्र कुमार दीक्षित, मोहम्मद अनवर राइम ,रमेश महली मोहम्मद अमीर राइम, किरन कुमारी,संथाल अनसारी नीरज सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे ।





