विशेष संवाददाता,रांची। विदेश अध्ययन के मामले में अपस्किलिंग क्यों जरुरी है।इसे लेकर स्टडी मेट्रो के फाउंडर अभिनव बजाज ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि अपस्किलिंग शिक्षा क्षेत्र को कैसे प्रभावित करता है।उच्च शिक्षा संस्थान, स्टूडेंट्स को उनके व्यावसायिक विकास और करियर में उन्नति के लिए संबंधित स्किल्स के सृजन में मदद करते हैं।इतना ही नहीं वे उन्हें डिग्री पूर्ण होने पर अध्ययन के बाद के करियर के अवसरों से भी अवगत कराते हैं। सार्थक अपस्किलिंग पहलों के माध्यम से ये संस्थान स्टूडेंट्स को भविष्य की चुनौतियों से लड़़ने के लिए तैयार करते हैं।कम्पनियां भी क्वालिफिकेशन-बेस्ड रिक्रूटमेंट के बजाए अब स्किल-बेस्ड रिक्रूटमेंट को अपनाने लगी हैं,जिसका सीधा प्रभाव एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस पर पड़ता है। ऐसे में स्टूडेंट्स में सुदृढ़ स्किल्स का सृजन करने की उनकी जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है। इसी कारण से दुनिया भर की टॉप यूनिवर्सिटीज़ से अपेक्षा की जाती है कि वे प्लेसमेंट से पहले अपने स्टूडेंट्स की स्किल्स को सुदृढ़ करने के लिए अपने पाठ्यक्रम में अपस्किलिंग स्ट्रेटेजीस को शामिल करें।





शिक्षा क्षेत्र इस नई जरूरत का सारथि बनकर उभरा है।डेटा ऑटोमेशन, साइबर सिक्योरिटी, कोडिंग, यूएक्स,यूआई डिज़ाइन, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, लीडरशिप स्किल्स, ऑर्गेनाइज़ेशनल बिहैवियर आदि जैसे क्षेत्रों में ई-लर्निंग प्रोग्राम्स को लेकर स्टूडेंट्स के बीच खूब लोकप्रियता बढ़ी है। इसका परिणाम यह हुआ कि इनमें से कई प्रोग्राम्स वर्तमान में कॉलेजेस और यूनिवर्सिटीज़ द्वारा क्रेडिट पाठ्यक्रमों के रूप में अपनाए जाने लगे हैं।इसका प्रत्यक्ष लाभ स्टूडेंट्स को मिला है, जिससे न सिर्फ उनका स्किल सेट बढ़ता है, बल्कि करियर की राह को भी गति मिलती है।