प्रतिनिधि,जमशेदपुर। केरल राज्य की त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के अध्ययन के लिए झारखंड विधानसभा की सात सदस्यीय टीम के साथ ग‌ए जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कहा है कि केरल में होने के बावजूद वे गर्मी के मौसम में अपने विधानसभा क्षेत्र के कतिपय इलाक़ों में पेयजल की हो रही कठिनाई के प्रति वे पूरी तरह सजग हैं और वे तथा उनकी टीम के लोग जेएनएसी और टीएसयुआईएल के साथ समन्वय बनाकर कठिनाइयों का समाधान करने के लिए सक्रिय है।





सरयू राय ने कहा है कि लक्ष्मीनगर, प्रेमनगर, झगड़ू बगान आदि इलाक़ों में पेयजल की आपूर्ति का कनेक्शन रामाधान बगान की पानी टंकी से जोड़ देने के कारण कम प्रेशर और दो-तीन लेन में पानी नहीं पहुंचने की शिकायत मिल रही है। मैने टाटा स्टील यूआईएल के अधिकारियों से इन इलाक़ों में बर्मा माईंस पेयजल टंकी से भी कनेक्शन चालू करने के लिए कहा है, जिसे उन्होंने मान लिया है। साथ ही उन्होंने जलापूर्ति टैंकर की संख्या बढ़ाकर ऐसे इलाक़ों में पानी पहुंचाने का आश्वासन दिया है।





सरयू राय ने बताया कि भुइयाडीह के बाबूडीह-लाल भट्टा इलाक़ों में पीने का पानी पहुंचाने की विगत 25 वर्षों से लंबित पड़ी परियोजना पर आज से काम शुरू हो गया।लिंडे पार्किंग मैदान में जल प्रसंस्करण संयंत्र लगाने के लिए मैदान की चहारदीवारी करने का का काम आज शुरू हो गया।योजना में तेज़ी लाने और इसकी प्रगति के बारे में जानकारी करने के लिए अगले सोमवार को कंपनी के संबंधित अधिकारी के साथ मेरी बैठक होगी।





विधायक सरयू राय गर्मी में उनके विधानसभा क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर चिंतित





इस बीच लाल भट्टा- बाबूडीह में पानी देने के लिए बनायी गयी व्यवस्था में पानी नहीं जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसका कारण है कि इस पाइप लाइन में से कई लोगों ने अवैध कनेक्शन ले लिया है। मैने टाटा स्टील यूआईएल के अधिकारियों से कहा है कि अवैध कनेक्शन को वैध करते हुए लाल भट्टा-बाबूडीह के लिए अलग से जलापूर्ति की व्यवस्था करें। इसके लिए कंपनी की टीम क्षेत्र का दौरा करेगी। ज़रूरत के अनुसार टैंकरों से पानी पहुंचाया जाएगा।





इस बीच ब्राह्मण टोला- ग्वाला बस्ती के जल-जमाव की वर्षों पुरानी समस्या दूर करने के लिए नया पाइप बिछाने का काम चल रहा है।कुछ लोग इसमें बाधा डाल रहे हैं।यह एक ज़रूरी काम है। राजनीतिक कारणों से इसमें अड़ंगा लगाने वालों से अनुरोध है कि वे अपनी करतूत से बाज़ आएं और जनहित का जो काम गत 25 वर्षों में नहीं हो सका उसे होने दें।किसी के इशारे पर जनहित विरोधी काम न करें, किसी के हाथ की कठपुतली न बनें। कुछ कहना-बताना है तो मुझसे या क्षेत्र में मेरे मंडल अध्यक्ष से बात करें।वे यह समझ लें कि उनके अड़ंगा डालने से जनहित का यह काम नहीं रूकेगा।