वैश्विक स्तर पर सरकारों की उधारी और बढ़ता वित्तीय बोझ एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। दुनिया भर के देशों पर कुल मिलाकर 34,675 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है, और इस पर चुकाया जाने वाला ब्याज लगातार बढ़ता जा रहा है। यूरोप में आर्थिक नीतियों, सरकारी खर्च में कटौती और महंगाई के खिलाफ आम जनता सड़कों पर उतर रही है। इस बीच, फ्रांस के बढ़ते सरकारी कर्ज और बजट घाटे के कारण वहां उधारी बेहद महंगी हो गई है।

फ्रांस में बॉन्ड यील्ड 5% तक पहुंची

अक्टूबर 2026 में फ्रांस के 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड (Bond Yield) बढ़कर करीब 5% तक पहुंच गई है, जबकि पड़ोसी देश जर्मनी में यह दर 3.41% है। इसका सीधा मतलब यह है कि फ्रांस को अब जर्मनी के मुकाबले निवेशकों से कर्ज लेने के लिए काफी अधिक ब्याज चुकाना पड़ रहा है। 2000 के दशक की शुरुआत के बाद यह पहला मौका है जब यूरोप की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बॉन्ड यील्ड इस स्तर पर पहुंची है। विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति निवेशकों के बीच फ्रांस की वित्तीय साख को लेकर बढ़ते जोखिम को दर्शाती है।

सरकारें कैसे लेती हैं कर्ज और कैसे बढ़ता है बोझ?

सरकारें अपनी टैक्स से होने वाली कमाई के अलावा सरकारी बॉन्ड जारी करके बाजार से कर्ज जुटाती हैं। जब सरकार को बुनियादी ढांचे (सड़क, रेलवे, अस्पताल) या अन्य योजनाओं के लिए पैसों की जरूरत होती है, तो वह बैंक, बीमा कंपनियों और निवेशकों को बॉन्ड बेचकर फंड जुटाती है।

  • बॉन्ड यील्ड और कर्ज का संबंध: जब बॉन्ड की कीमतें गिरती हैं, तो उसकी यील्ड (निवेशक का रिटर्न) बढ़ जाती है, जिससे सरकारों के लिए नया कर्ज लेना महंगा हो जाता है।
  • विकास कार्यों पर असर: जब सरकार की आय का एक बड़ा हिस्सा केवल पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने में खर्च होने लगता है, तो स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन और अन्य कल्याणकारी (Welfare) योजनाओं के लिए बजट कम पड़ जाता है।

प्रमुख देशों पर सरकारी कर्ज का आंकड़ा

अलजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा सरकारी कर्ज अमेरिका पर है। नीचे दिए गए आंकड़े विभिन्न देशों पर कुल सरकारी कर्ज को दर्शाते हैं:

देशसरकारी कर्ज (ट्रिलियन डॉलर में)सरकारी कर्ज (लाख करोड़ रुपये में)
अमेरिका41.43,933 लाख करोड़ रुपये
चीन22.52,137.5 लाख करोड़ रुपये
जापान8.7826.5 लाख करोड़ रुपये
ब्रिटेन4.4418 लाख करोड़ रुपये
फ्रांस4.2399 लाख करोड़ रुपये
इटली3.7351.5 लाख करोड़ रुपये
जर्मनी3.5332.5 लाख करोड़ रुपये
भारत3.4323 लाख करोड़ रुपये
कनाडा2.9275.5 लाख करोड़ रुपये

भारत की स्थिति: जीडीपी और कर्ज का अनुपात

भारत पर कुल सरकारी कर्ज लगभग 323 लाख करोड़ रुपये है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के 2026 के अनुमानों के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारों का कुल कर्ज भारत की GDP का 83.4% है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बड़े कर्ज के आंकड़ों से किसी देश की अर्थव्यवस्था की कमजोरी का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। मिसाल के तौर पर, जापान पर उसकी जीडीपी का करीब 199% कर्ज है, जबकि अमेरिका पर 127% और फ्रांस पर 118% कर्ज है। किसी देश की वित्तीय सेहत का असली आकलन उसकी ब्याज चुकाने की क्षमता, टैक्स राजस्व, आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) और कर्ज की कुल लागत के आधार पर किया जाता है।

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