भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और प्रखर वक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी के पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अपने फैसले की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण कॉर्पोरेट/निजी क्षेत्र (Private Sector) का रुख कर रहे हैं, हालांकि उनका भाजपा की विचारधारा और शीर्ष नेतृत्व के प्रति पूरा सम्मान बना रहेगा।

इस्तीफे और बयान की प्रमुख बातें:

  • इस्तीफा वापस लेने की थी अपील: पूनावाला ने खुलासा किया कि पार्टी नेतृत्व ने शुरुआत में उनका त्यागपत्र स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। लेकिन लंबे विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया।
  • शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष का धन्यवाद किया। पूनावाला ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में भाजपा द्वारा दिए गए मंच और अवसरों के लिए वे सदैव कृतज्ञ रहेंगे।
  • "विचार और व्यक्ति नहीं छोड़ रहा": उन्होंने भावुक होते हुए लिखा, "मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं। निजी क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद भी जहां संभव होगा, मैं पीएम मोदी और भाजपा के दृष्टिकोण का समर्थन करता रहूंगा।"

2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में हुए थे शामिल

वर्ष 2017 में कांग्रेस से अलग होने के बाद शहजाद पूनावाला भारतीय जनता पार्टी से जुड़े थे। पिछले कुछ सालों से वे नेशनल टीवी डिबेट्स में बीजेपी का सबसे प्रमुख और मजबूत चेहरा बनकर लगातार पार्टी का पक्ष रख रहे थे।