शीतलहर पर यलो अलर्ट जारी,हजारीबाग में छात्रा की मौत,जानें क्या कहते है डाॅक्टर
शीतलहर पर यलो अलर्ट जारी, हजारीबाग में छात्रा की मौत,जानें क्या कहते हैं डॉक्टर <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

रांची।उत्तर-पश्चिम से आ रही सर्द हवाओं ने सोमवार को भी पूरे झारखंड को शीतलहर की चपेट में ले रखा था।राज्य में तापमान तेजी से गिरा। मैकलुस्कीगंज समेत कई इलाकों में पारा दो डिग्री से भी नीचे आ गया। यहां सुबह घास पर पड़ी ओस की बूंदें जम गई। मंगलवार को भी यही स्थिति बनी रहेगी, इसके लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट के साथ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने लोगों के यथासंभव बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
सोमवार को ठंड से हजारीबाग में दसवीं की छात्रा की मौत हो गई। सोमवार को डालटनगंज में न्यूनतम तापमान 4.6 व हजारीबाग में 4.9 डिग्री रहा। इसके अलावा रांची में 6.4 डिग्री रहा जबकि कांके में 4.3 रहा।पलामू में रिकॉर्ड ठंड
डालटनगंज में न्यूनतम तापमान 35 साल में तीसरी बार दिसंबर में पांच डिग्री से नीचे पहुंचा है। इससे पूर्व 2018 में 29 और 30 दिसम्बर को पारा 4.6 और 2019 में 28 दिसम्बर को 4.7 डिग्री रहा था।
डॉक्टरों ने दिया सुझाव
बच्चों को एक गर्म कपड़ा पहनाने के बजाय तीन चार लेयर में कपड़े पहनाएं।धूप निकलने के बाद ही व्यायाम के लिए निकलें। रूम हीटर या अलाव की मदद से रूम को गर्म रखने का प्रयास करें, हालांकि सोते समय उसे बंद कर दें।गर्म कपड़ों का प्रयोग करते रहें, बिना जरूरी काम के बाहर नहीं निकलें।बच्चों को व्यायाम करने के लिए प्रेरित करें, पर धूप में। सर्दी खांसी वाले मरीजों से दूरी बनाए रखें, मास्क और दस्तानों का उपयोग जरूर करें।
तापमान में गिरावट आते ही रिम्स, सदर हॉस्पिटल सहित निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में 30 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। इस कारण बच्चों में निमोनिया के मामले देखे जा रहे हैं। वहीं व्यस्कों में हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामले बढ़े हैं। रिम्स के ओपीडी में आने वाले बच्चों में अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट और लोअर रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट की समस्या देखने को मिल रही है।
ओपीडी में आने वाले 40 फीसदी बच्चों में निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। रिम्स के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अमर वर्मा ने बताया कि आने वाले एक सप्ताह में निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। अत: ठंड में बच्चों का खास ख्याल रखें। साथ ही दूध पिलाने वाली मां भी ठंड से बचकर रहें और ताजा गर्म आहार ही लें। उनकी तबीयत खराब होने या सर्दी-जुकाम का असर उनके दूध पीने वाले बच्चे पर भी पड़ सकता है।
रिम्स के मेडिसिन विभाग के वरीय चिकित्सक डॉ बिंदे कुमार ने कहा कि ठंड के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। सर्दी-खांसी, स्ट्रोक के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। कई ऐसे मामले भी हैं, जिनमें सांस संबंधी समस्या है। फिलहाल उन्हें ओपीडी में जांच के बाद जरूरत पड़ने पर इंडोर में भर्ती कर आगे का इलाज किया जा रहा है। ठंड के कारण सांस संबंधी बीमारी ब्रोंकाइटिस (दमा), ब्रेन स्ट्रोक (खून की नली का फटना), ब्रेन इन्फक्शन (खून की नली का जाम हो जाना) और सर्दी खांसी से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ी है।
रिम्स के न्यूरोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ सुरेंद्र ने बताया कि ठंड बढ़ते ही व्यस्कों में ब्रेन स्ट्रोक के मामले दो से ढाई गुणा बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि ठंड बढ़ते ही बीपी बढ़ जाता है साथ ही धमनियों में सिकुड़न आ जाती है। इससे स्ट्रोक के मामले बढ़ने लगते हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि पारा गिरते ही कमर दर्द और गर्दन दर्द की शिकायत बढ़ी है। इसके अलावा माइसथिमिया ग्रेविस के भी मरीज बढ़े हैं, ऐसे मामलों में मांसपेशियां कमजोर हो जाती है। मरीज तुरंत थकने लगता है।
कार्डियोलॉजी विभाग मरीजों से फुल: रिम्स का कॉर्डियोलॉजी विभाग मरीजों से फुल हो गया है। इसके अलावा ओपीडी में भी मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार जहां सामान्य दिनों में पांच से सात मरीजों की एंजियोग्राफी की जाती थी, अब बढ़कर करीब 15 से 20 हो गई है। वहीं एंजियोप्लास्टी की भी संख्या तीन गुणी बढ़ गई है।
संबंधित ख़बरें

कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दो बालिग सहेलियों को साथ रहने की मिली अनुमति, कोलकाता के लिए रवाना
● ब्रेकिंग

दिल्ली में ठंड के साथ धुंध की दस्तक: सफदरजंग और पालम पर विजिबिलिटी में भारी गिरावट
● ब्रेकिंग

हरियाणा: 582 विलेज नॉलेज सेंटर, राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक समेत नायब सरकार के कई ऐतिहासिक फैसले

