श्रीराम कथा का प्रथम दिवस:हनुमान चालीसा से से प्रारंभ हुआ कथा का पहला दिन





मुख्य यजमान प्रेमचंद श्रीवास्तव व पत्नी उर्मिला श्रीवास्तव ने राजन महाराज का किया स्वागत





अच्छे कर्मों से होती है आत्मसंतुष्टि: राजन महाराज





विशेष संवाददाता





रांची। व्यास पीठ पर विराजमान परम पूज्य राजन महाराज ने कथा स्थल में उपस्थित सभी श्रोताओं का अभिवादन किया। उन्होंने कहा मुझे प्रथम दिवस पर इतनी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। संक्रांत का दिन है जिस दिवस पर सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हूं। कथा प्रारंभ करते हुए उनका जीवन में सुखी होना है। सबसे पहले संतुष्ट रहने का स्वभाव अपने अंदर बनाना होगा और उसके लिए अच्छा कर्म और अच्छा कर्तव्य करें। यही संतुष्ट होने का कारण है।उन्होंने कहा जब तक आप संतोष नहीं है होंगे जब तक संतोष नहीं आएगा कामनाएं समाप्त नहीं होगी उन्होंने कहा काम क्रोध मोह छोड़ो





जो पहले दिया है, वही कम नहीं है





उसी को उठाने के काबिल नहीं हूं ।





उन्होंने कहा अनुराग में पहुंचने के लिए राग में उतरना होगा सर्वत्र परमात्मा का दर्शन तभी आपको हो सकता है।हमेशा याद रखें सरस्वती बोलने की कला देती है और गणेश बोलने का भाव देता है तभी मनुष्य जो है वो कुछ कर सकता है। भागवत शरण मे जाने के बाद ही मालूम होता है कि हम निमित्त मात्र है और जब हम निमित्त मात्र को जान लेंगे तो हमें अभिमान नहीं होगा।उन्होंने कथा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया जिसके जीवन में जैसा अनुभव हुआ वैसी कथा उन्होंने सुनाई।





कथा श्रवण कर मिट जाती है,





सो जनम जनम की ब्यथा





उन्होंने कहा जीव भी परमात्मा की शरण में आता है तो भगवान उसे सब कुछ देते दें,लेकिन अगर हम भगवान के साथ कपट करेंगे तो भगवान भी ऐसे ही देंगे जैसे दूध में पानी नहीं हमे दिखता।इसलिए हमें कपट से बचना चाहिए।





मां का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि जो मां की शरण में रहेगा उसके जीवन में कभी संकट नहीं रहेगा।चंद्रमा अमृत के समान है।उसी तरह भगवान की कथा को श्रवण करने के लिए संत लालायित रहते हैं।शंकर भगवान कहते हैं कलयुग की विकार को काटने के लिए कथा कुल्हाड़ी है।जीवन में सतगुरु की सेवा,स्त्री का संग, अग्नि की सेवा,राजा की सेवा में दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कथा की शरण में रहेगा कथा आपके जीवन के सारे थकान दूर कर देगी। कथा का श्रवण भगवान शंकर के दर्शन कथा के माध्यम से कराया शंकर पार्वती विवाह पर विस्तृत चर्चा की और विवाह के उत्सव को साक्षात रूप में कथा स्थल पर लोगों के बीच उत्सव के माध्यम से बताया।





सदा ना रहा है, सदा ना रहेगा,





ये जमाना किसी का ये जमाना किसी का





इसके पूर्व मंच पर मुख्य यजमान प्रेम चंद श्रीवास्तव व पत्नी उर्मिला श्रीवास्तव व उनके परिवार के द्वारा व्यास जी की आरती की गई।संजय सेठ ,सीपी सिंह, संजीव विजयवर्गीय, अरुण झा, के,के गुप्ता, प्रदीप नर्सरिया, अंचल किंगर, धर्मेंद्र तिवारी, राकेश भास्कर, मदन लखोटिया, कमल सिंघानिया ,कुणाल अजमानी सहित कई लोगों ने महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।





4000 से ज्यादा लोगों ने कथा का श्रवण किया पूरा पंडाल आज श्रोताओ से भरा था। बुजुर्गों को महिलाओं को प्रथम प्राथमिकता देकर कुर्सियों पर बैठाया गया कथा स्थल में पेयजल की व्यवस्था शौचालय की व्यवस्था चरण पादुका की व्यवस्था की गई थी।





आयोजन समिति के प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने बताया कि सोमवार को श्री राम जन्मोत्सव का प्रसंग है। श्री राम जी के जन्मोत्सव का उत्सव मनाएंगे।सारस्वत ने रांची की सभी धार्मिक और सामाजिक संस्था व धर्म प्रेमियों से आग्रह किया है कि 2:00 बजे से प्रारंभ होने वाली कथा में आप समय से पूर्व आवे और आकर अपना स्थान ग्रहण कर श्री राजन जी महाराज के मुखारविंद से श्री राम कथा की अमृत वर्षा का हरमू मैदान में आकर अवश्य आनंद लेवे और पूण्य अर्जित करें।





कथा स्थल में मुख्य संयोजक प्रकाश धेलिया, संयोजक मनीष साहू, बसंत शर्मा ,नेमी अग्रवाल, मुकेश काबरा, प्रमोद सारस्वत सजन पडिया, श्रबन अग्रवाल, दीपक पाठक, दीपक टाटिया,, दीपक सराओगी, बनवारी,राजू पोद्दार ,प्रशांत श्रीवास्तब,जितेंद्र सिंह, सोनू भारद्वाज , राजू यादव,आनंद माणिक सहित काफी संख्या में सदस्य अपनी सेवा दे रहे हैं।