अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के चयन की प्रशासनिक प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। बुधवार शाम 4 बजे मणिरामदास छावनी में आयोजित होने वाली ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में नए CEO के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. चतुर्वेदी और पूर्व परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े की तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने देशभर से प्राप्त 5,585 आवेदनों की गहन स्क्रूटनी के बाद तीन शीर्ष अभ्यर्थियों का अंतिम पैनल ट्रस्ट को सौंपा है। दिलचस्प बात यह है कि रेस में सबसे आगे चल रहे तीनों शीर्ष अधिकारी उत्तर प्रदेश के ही निवासी हैं।
CEO पद के तीन प्रमुख दावेदार
- राजेश पांडेय (पूर्व IPS): उत्तर प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार और ईमानदार छवि वाले सुपरकॉप्स में शुमार राजेश पांडेय का नाम इस रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। यूपी STF और ATS के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे पांडेय के नाम 80 से अधिक एनकाउंटर का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1998 में कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला को ढेर करने वाली टीम का नेतृत्व किया था। इसके अलावा 2005 के अयोध्या आतंकी हमले, 2006 के वाराणसी धमाके और लखनऊ-फैजाबाद कोर्ट ब्लास्ट जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में उनकी मुख्य भूमिका रही है।
- योगेश्वर राम मिश्रा (पूर्व IAS): 2005 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा अयोध्या और बाराबंकी के जिलाधिकारी रह चुके हैं। अयोध्या के डीएम के रूप में उन्हें शहर के प्रशासन और बुनियादी ढांचे के कायाकल्प को संभालने का सीधा अनुभव है। इसके अलावा वे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश स्टेट पब्लिक सर्विस ट्रिब्यूनल में मेंबर (एडमिन) के पद पर कार्यरत हैं।
- डॉ. परेश सक्सेना (IPS): बिहार कैडर के आईपीएस डॉ. परेश सक्सेना भी इस दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं। बिहार के साथ-साथ केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। चिकित्सा शिक्षा (Medical Background) की पृष्ठभूमि होना उनके अनुभव को अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से अलग और विशिष्ट बनाता है।
सुरक्षा समन्वय समिति के गठन पर भी होगा फैसला
आज आयोजित होने वाली ट्रस्ट की इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल CEO के नाम पर ही विचार नहीं होगा, बल्कि राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए एक 'स्थानीय सुरक्षा समन्वय समिति' के गठन के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी।
ट्रस्ट के महासचिव की अध्यक्षता में बनने वाली इस प्रस्तावित समिति का मुख्य उद्देश्य मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन के बीच सुरक्षा संबंधी विषयों पर प्रभावी तालमेल कायम करना होगा। इस समिति में ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ-साथ पुलिस-प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और मंदिर सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किए जाने की संभावना है।





