जमशेदपुर।श्रेया नारायण की टीम कोड लुनेटिक्स ने गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा में आयोजित यूनेस्को इंडिया अफ्रीका हैकोथोन में अपने वर्ग में प्रथम स्थान लाकर परचम लहराया है। यूनेस्को इंडिया अफ्रीका हैकोथोन 22 से 25 नवंबर तक गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा में आयोजित की गई थी।





इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा 22 अन्य अफ्रीकी देशों के इंजीनियरिंग के छात्रों ने अलग-अलग टीम के माध्यम से हिस्सा लिया था।जिसमें सभी को अलग अलग विषयों के समस्यायों को तकनीकी तौर पर सुलझाना था।साथ ही अपने सुझावों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से ज्यूरी के समक्ष प्रस्तुत करना था। वहीं श्रेया की टीम कोड लुनेटिक्स ने इसे बखूबी निभाते हुए लगातार बिना रुके 36 घंटे तक कड़ी मेहनत कर अंत में बाजी अपने नाम की। चूंकि टीम में अन्य अफ्रीकी देश जैसे माली, मलावी, मॉरीशस जैसे अन्य देशों के छात्र भी शामिल थे। जिसके चलते धैर्य रखकर टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। साथ ही प्रतियोगिता में टीम को अपने वर्ग में जीत हासिल करने पर भारत के उपराष्ट्रपति जगदीश धनकड़ के हाथों 3 लाख रुपए का नकद पुरस्कार भी मिला।





इस दौरान प्रतियोगिता में शामिल अफ्रीकी देशों के छात्र भारत के मेहमान नवाजी एवं संस्कृति से काफी खुश दिखे। श्रेया नारायण वर्तमान में बैंगलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में तीसरे वर्ष की छात्रा है। उसकी इस सफलता पर उसके कॉलेज के प्राचार्य समेत सभी छात्रों ने बधाई के साथ-साथ शुभकामनाएं भी दी है। श्रेया की प्रारंभिक शिक्षा जमशेदपुर शहर के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल एवं राजेंद्र विद्यालय साकची से हुई। जबकि श्रेया नेपाली सेवा समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष राम नारायण की सुपुत्री भी है।