सिने और टीवी कलाकार संघ (CINTAA - सिंटा) के चुनावों को लेकर चल रहा अंदरूनी घमासान अब बॉम्बे हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 20 अक्टूबर को कराए गए चुनाव और उनके परिणामों पर रोक लगा दी है। साथ ही, अदालत ने चुनाव कराने वाले गुट को अवमानना (Contempt) का नोटिस भी जारी किया है, जिससे संगठन के भीतर चल रहा विवाद और अधिक गहरा गया है।

अदालत ने उठाए तीखे सवाल

न्यायमूर्ति आरती साठे ने 'पश्चिमी भारत फिल्म कर्मचारी महासंघ' की याचिका पर सुनवाई करते हुए सिंटा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त सवाल किया कि जब अदालत के पहले के आदेशों के तहत 26 अक्टूबर तक किसी भी प्रकार का नया कार्य करने की अनुमति नहीं थी, तो फिर जल्दबाजी में चुनाव क्यों कराए गए? अदालत ने इसे आदेशों की जानबूझकर अनदेखी मानते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल 20 अक्टूबर के चुनाव नतीजों को लागू नहीं किया जाएगा।

उपासना सिंह के गंभीर आरोप और वित्तीय अनियमितता की मांग

इस पूरे विवाद के बीच अभिनेत्री उपासना सिंह ने सिंटा के मौजूदा प्रबंधन पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि संगठन की कई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बिना किसी स्पष्ट जानकारी के तोड़ी गईं और उस बड़े फंड का इस्तेमाल कहां हुआ, इसका कोई हिसाब नहीं दिया गया।

  • अकाउंट्स पर सवाल: उपासना सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि पंजाब नेशनल बैंक में पहले से आधिकारिक खाता मौजूद होने के बावजूद दूसरा नया खाता खोलने की क्या आवश्यकता थी?
  • दस्तावेजों की हेराफेरी का आरोप: उनका यह भी दावा है कि अदालत के आदेशों के विपरीत सिंटा के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को टैक्सियों और ऑटो-रिक्शा के जरिए इधर-उधर ले जाया जा रहा था। दूसरी ओर, सिंटा के पूर्व वरिष्ठ सचिव हेमंत पाण्डेय ने अदालत के इस फैसले का स्वागत करते हुए भारतीय न्याय व्यवस्था पर अपना पूरा भरोसा जताया है।

दो अलग-अलग चुनावों से बढ़ा टकराव

सिंटा में वर्चस्व की लड़ाई इस बात से समझी जा सकती है कि संगठन में अलग-अलग तारीखों पर दो बार चुनाव कराए जा चुके हैं:

  1. पहला चुनाव: पश्चिमी भारत फिल्म कर्मचारी महासंघ द्वारा 12 सितंबर को कराए गए चुनाव में उपासना सिंह को 360 और साहिला चड्ढा को 357 वोट मिले थे।
  2. दूसरा चुनाव: इसके बाद पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरी के गुट ने 20 अक्टूबर को एक अलग चुनाव आयोजित किया, जिसमें पद्मिनी कोल्हापुरी को 604 और पूनम ढिल्लों को 601 वोट मिले।

फिलहाल, इस कानूनी पेचीदगी और अवमानना नोटिस के बाद पूरी इंडस्ट्री की निगाहें आगामी अदालती कार्रवाई और फैसलों पर टिकी हुई हैं।

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