देवघर।साइबर थाना की पुलिस ने जसीडीह थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव में बुधवार को छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को 11 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया है।इनकी पहचान जसीडीह थाना क्षेत्र के सिमरिया के दो सगे भाई 28 वर्षीय सेलू कुमार पाठक व अभय कुमार पाठक पिता मनोज पाठक और बदिया निवासी 22 वर्षीय रोशन कुमार पाठक पिता विनोद पाठक के तौर पर हुई है।रोशन कुमार सेलू का चचेरा भाई है।इनके पास से जप्त मोबाइल सिम के खिलाफ देशभर में आठ साइबर क्राइम के लिंक मिले हैं,जिसकी जांच की जा रही है।





पुलिस ने इनके पास से ये किया बरामद





पुलिस ने साइबर अपराधियों के पास से नकद 11 लाख रुपए समेत पांच मोबाइल फोन,17 फर्जी सिम कार्ड, एक पासबुक, 23 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।इस संबंध में जानकारी देते हुए साइबर थाने के डीएसपी सुमित प्रसाद ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से बरामद मोबाइल फोन से देशभर के आठ साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है।साथ ही, सेलू पाठक के पास से साइबर ठगी का 11 लाख रुपया भी बरामद किया गया है।





साइबर अपराधी ने खुद को बताया पुलिसकर्मी का बेटा





पुलिस सूत्रों से जानकारी के अनुसार गिरफ्तार साइबर अपराधी सेलू पाठक ने खुद को पुलिसकर्मी मनोज पाठक का बेटा बताया।संपर्क किए जाने पर साइबर थाने की पुलिस को सेलू के पिता मनोज पाठक ने खुद को लालपुर थाने में एएसआई के रूप में पदास्थापित होने की जानकारी दी।मगर अब तक की जांच में साइबर पुलिस को लालपुर थाने में मनोज पाठक नाम के एएसआई के पदास्थापित होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलिस मामले की अग्रेतर छानबीन में जुटी हुई है।





20 फीसदी मिलता था कमीशन





पुलिस सूत्रों की मानें तो साइबर अपराध के जगत में सेलू पाठक कमीशन एजेंट के तौर पर लंबे समय से काम करता रहा है।सेलू,अभय और रोशन ठगी का काम करते है और देश के किसी भी कोने में ठगी की घटना को अंजाम दिए जाने के बाद खाते से उड़ाए ग‌ए पैसे एक निर्धारित खाते में भी पहुंचाते थे।उस पैसे को निकाल कर सही जगह पहुंचाना सेलू का काम होता है।इतना ही नहीं बिहार के कई हिस्सों से सेलू के पास समय-समय पर मोटी रकम पहुंचती थी।उन पैसों को विभिन्न बैंकों के फर्जी खातों से अलग-अलग एटीएम कार्ड से निकासी कर देवघर सहित दुमका और आसपास के इलाके में संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेवारी सेलू की होती थी।





फर्जी एकाउंट का तीनों भाई पैसों की निकासी के लिए करते थे उपयोग





जानकारी के अनुसार ये तीनों साइबर अपराधी ठगी के पैसों को फर्जी बैंक एकाउंट में मंगाते थे। इसके बाद इन पैसों को अलग- अलग एटीम से निकासी कर अपना कमीशन लेकर विभिन्न साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम भी करते थे। इसके अलावा गिरफ्तार साइबर अपराधियों द्वारा एटीएम कार्ड व सिम कार्ड के माध्यम से ठगी की वारदात को भी अंजाम देने में महारत हासिल है।





मौके पर उपस्थित थे





प्रेस कांफ्रेंस में साइबर थाना प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर केएन सिंह, इंस्पेक्टर तरूण कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी व अन्य मौजूद थे।