विशेष संवाददाता





रांची।सीएमपीडीआई में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम), रांची की बैठक का आयोजन संस्थान के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) एसके गोमास्ता, महाप्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) सी जस्टर, नराकास के सदस्य सचिव व मुख्य प्रबंधक (का. एवं प्र.)रास बिहारी सहित नराकास (उपक्रम), रांची के लगभग 18 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।





इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में श्री कुमार ने कहा कि हमें राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) और हिंदी पत्रों तथा टिप्पणियों की प्रतिशतता के संबंध में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में हर संभव प्रयास करना चाहिए। अगर इन प्रयासों में या फिर राजभाषा के कार्यान्वयन में कोई समस्या आ रही हो तो विभिन्न सदस्य कार्यालयों के बीच आपसी सम्पर्क बढ़ाकर और तकनीकी नवाचारों को प्रयोग करते हुए इन्हें दूर किया जा सकता है। राजभाषा नीति के प्रचार-प्रसार के लिए नराकास के इस मंच को हम इस तरह के प्रयासों से ही और अधिक सार्थक बना सकते हैं।





इस मौके पर श्री गोमास्ता ने कहा कि राजभाषा हिंदी में काम करते हुए हमें हीन भावना का नहीं अपितु गर्व का अनुभव होना चाहिए क्योंकि आत्म गौरव की भावना से ही भाषा का विकास संभव होता है। साथ ही उन्होंने अन्य भारतीय भाषाओं, क्षेत्रीय भाषाओं के साथ हिंदी के आदान-प्रदान व समावेश, नए विचारों, संस्थागत और व्यक्तिगत प्रयासों तथा मिशन मोड के माध्यम से राजभाषा कार्यान्वयन को गति प्रदान करने का सुझाव दिया।इस अवसर पर नराकास के बैनर तले हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन द्वारा आयोजित कार्यशाला के अंतर्गत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किया गया।





सर्वप्रथम सीएमपीडीआई के महाप्रबंधक (का.एवं प्र.) सी जस्टर ने नराकास (उपक्रम), रांची के उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया और उनसे परिचय प्राप्त किया। बैठक के अंत में नराकास के सदस्य सचिव व मुख्य प्रबंधक (का. एवं प्र.) रास बिहारी ने उपस्थित सदस्यों को बैठक के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उक्त जानकारी महाप्रबंधक (टीएस/पीआर) संजय कुमार दुबे ने दी।