रांची।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का एक जानी दुश्मन भी है। सीएम सोरेन ने ये खुद कहा है।इसे लेकर ईडी को पत्र भी लिखा है। सीएम ने आरोप लगाया है कि उनकी विरोधी भाजपा ने रवि केजरीवाल के जरिए अवैध खनन में फंसाने के लिए बयान दिलाया है।रवि केजरीवाल झारखंड मुक्ति मोर्चा का सदस्य था।वर्ष 2020 में पार्टी से निकाले जाने के पहले वह कोषाध्यक्ष के पद पर था।पार्टी से निकाले जाने के बाद उसके खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।तभी से रवि केजरीवाल उनका जानी दुश्मन है।





सीएम सोरेन ने पत्र में जिक्र किया है कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा कि व्यक्तिगत प्रतिशोध के लिए उसने मेरे खिलाफ गलत आरोप लगाए होंगे। सीएम सोरेन ने ईडी से कहा है कि वह निष्पक्ष तौर पर उनसे जांच करे।उन्होंने संविधान को अक्षुण्ण रखने की शपथ ली है। वे इस देश के इमानदार नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन एवं कानून का पालन के लिए ईडी द्वारा जारी समन का अनुपालन करेंगे।





ईडी आफिस जाने के पहले चार पन्नों का तैयार किया जवाब





सीएम सोरेन राजधानी रांची के ईडी ऑफिस में तीन पन्नों का जवाब लेकर गए हैं।ईडी के सहायक निदेशक देवव्रत झा को संबोधित करते हुए अपना पक्ष रखा है। सीएम सोरेन ने पत्र की शुरूआत मे जिक्र किया है कि उनकी सरकार अवैध खनन को समाप्त करने के लिए कृत संकल्प है। इस दिशा में किसी भी एजेंसी की इमानदार जांच का वे स्वागत करते हैं। उनके मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद पत्थर खनन से मिलने वाली रायल्टी मे उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले दो वर्षों मे रायल्टी 270 करोड़ से बढ़कर 360 करोड़ हुई है। लगभग 20 प्रतिशत पत्थर खनन साहिबगंज से होता है। ईडी के स्टेटमेंट से प्रतीत होता है कि 1000 करोड़ का अवैध खनन होता है।





ईडी को बिना तथ्यों के आरोप लगाना शोभा नहीं देता





सीएम सोरेन ने पत्र में अवैध खनन के आरोपों को लेकर सिलसिलेवार जवाब दिया है। सीएम सोरेन ने ईडी को नसीहत दी है कि बगैर तथ्यों के आरोप लगाना शोभा नहीं देता। जानकारी दी है कि खनन विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो वर्षों में पूरे झारखंड में लगभग नौ करोड़ मेट्रिक टन पत्थर का खनन हुआ है। इसमें 60 प्रतिशत बोल्डर, 35 प्रतिशत स्टोन चिप्स एवं पांच स्टोन डस्ट है। इसमें करीब 20 प्रतिशत पत्थर का खनन साहिबगंज जिला में हुआ है।





राज्य को 95 रुपए प्रति मेट्रिक टन रायल्टी बोल्डर पर, 175 रुप‌ए प्रति मेट्रिक टन रायल्टी स्टोन चिप्स पर एवं 18 रुपए मेट्रिक टन स्टोन डस्ट पर रायल्टी प्राप्त होता है। इस प्रकार भारित औसत के आधार पर राज्य को 120 रुपए प्रति मेट्रिक टन रायल्टी पत्थर खनन से प्राप्त होता है। दो वर्षों में 1000 करोड़ रुपए के रायल्टी के नुकसान के लिए लगभग आठ करोड़ मेट्रिक टन पत्थर का अवैध खनन साहिबगंज जिले में करनी की आवश्यकता होगी जो उस जिले में हुए वैध खनन का चार गुणा होता है।





दो वर्षों में आठ करोड़ मेट्रिक टन पत्थर के परिवहन के लिए 20000 से अधिक रेलवे रेक या 33 लाख से अधिक ट्रक की आवश्यकता होगी, क्योंकि एक रेलवे रेक की क्षमता 4000 मेट्रिक टन एवं एक ट्रक की क्षमता 25 मेट्रिक टन की होती है। रेलवे बगैर माइनिंग या मिनरल चालान के लोडिंग की अनुमति नहीं देता। ऐसा प्रतीत होता है कि आपने एक भी रेलवे रेक बगैर चालान के नहीं पाया है। अभी तक एक भी रेलवे कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।





6500 रेक का अवैध पत्थर परिवहन असंभव





ईडी का आरोप है कि पिछले दो वर्षों में 6500 रेक साहिबगंज जिले से पत्थर खनन के लिए उपयोग किए गए हैं। यह असंभव है। यदि इतने का परिवहन भी होता है तो ये आठ करोड़ मेट्रिक टन अवैध पत्थर का परिवहन नहीं कर सकते, जिससे 1000 करोड़ की रायल्टी प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त दो वर्षों में आठ करोड़ मेट्रिक टन अवैध पत्थर परिवहन के लिए प्रतिदिन 4500 ट्रक की आवश्यकता होगी। पूरे साहिबगंज जिले में 800 ट्रक निबंधित एवं चालू अवस्था में हैं। ईडी का कहना है कि साहिबगंज में कुछ घाट है जहां जहाज के माध्यम से अवैध रुप से खनन किए गए पत्थर का अवैध परिवहन होता है। उपलब्ध सभी रेलवे रेक, ट्रक और जहाज मिलकर भी आठ करोड़ मेट्रिक टन का परिवहन नहीं कर सकते जिससे राज्य को 1000 करोड़ रुपये रायल्टी का पिछले दो वर्षों में नुकसान हो सके।





ईडी के आधारहीन आरोप से झारखंड की छवि हुई धूमिल





मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी को दिए गए लिखित जवाब में कहा है कि बगैर तथ्य के आरोप लगाने से राज्य की छवि धूमिल हुई है। ईडी का दावा है कि 1000 करोड़ का अवैध पत्थर खनन हुआ है। यह आरोप लगाने के पहले उनके द्वारा उठाए गए तथ्यों को ईडी ने संज्ञान नहीं लिया है। ईडी ने बगैर तथ्यों एवं आंकड़ों का सत्यापन किए 1000 करोड़ रुपए का अवैध खनन का सनसनीखेज आरोप लगाया है। सीएम सोरेन ने आशा जताई है कि ईडी तथ्यहीन आरोप लगाने से परहेज करेगी। एक साल से जाच की जा रही है और 50 से अधिक छापेमारी हो चुकी है।