रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आठ दिसंबर को खतियानी जोहार यात्रा पर निकलेंगे।इसकी शुरुआत गढ़वा से होगी।पहले चरण में आठ से 16 दिसंबर तक यात्रा निकलेगी, जो छह जिलों में जायेगी। इसमें मुख्यमंत्री सभी जिलों में एक-एक दिन रुकेंगे भी।इसके अलावा जिले की योजनाओं की समीक्षा करेंगे।मुख्यमंत्री एक साथ दो जिलों की योजनाओं की समीक्षा करेंगे,साथ ही बजट की राशि कितना खर्च हुआ. आगामी बजट में जिले को क्या चाहिए, इसका भी ख्याल रखा जायेगा।रात्रि विश्राम की भी योजना है। इस दौरान यूपीए घटक दल के नेता भी मौजूद रहेंगे।





राज्य समन्वय समिति के सदस्य सह झारखंड मुक्ति के वरिष्ठ नेता विनोद पांडेय ने बताया कि झामुमो द्वारा इसका खाका खींच लिया गया है। 2019 में चुनाव के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की संघर्ष यात्रा का आयोजन किया गया था।हाल के दिनों में ईडी द्वारा पूछताछ के बाद सीएम आवास के बाहर ही समर्थक जुटने लगे थे, जिससे मुख्यमंत्री को सड़क पर आकर उनका आभार जताना पड़ा।पांडेय ने कहा कि भारी संख्या में अभी कार्यकर्ता रांची आना चाहते हैं, लेकिन अब उन्हें रोक दिया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा है कि कार्यकर्ताओं को रांची आने में परेशानी हो सकती है, इसलिए वह खुद कार्यकर्ताओं के पास जाएंगे और उनका आभार जताएंगे। 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तीन वर्ष का कार्यकाल भी पूरा करेंगे।





पांडेय ने कहा कि जिलों से जो रिपोर्ट आ रही है, उसके अनुसार आम जनता व कार्यकर्ता बेसब्री से मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में भी जनता से संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा था।अब वह जनता के बीच जाकर फिर सारी बातों को स्पष्ट करेंगे।केंद्र द्वारा की जा रही साजिश की जानकारी देंगे।मंत्री और विधायक भी रहेंगे।





पांडेय ने बताया कि आठ से 16 दिसंबर तक पहला चरण चलेगा। 16 दिसंबर को देवघर में आमसभा के बाद पहला चरण खत्म होगा। दूसरे चरण की घोषणा शीतकालीन सत्र के बाद की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा फरवरी 2023 तक चलती रहेगी।





मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहले चरण की यात्रा





8 दिसंबर- गढ़वा





9 दिसंबर - पलामू





12 दिसंबर - गुमला





13 दिसंबर - लोहरदगा





15 दिसंबर - गोड्डा





16 दिसंबर - देवघर