रांची।झारखंड के लिए आज शुक्रवार ऐतिहासिक दिन रहा। विधानसभा में ओबीसी आरक्षण और स्थानीयता बिल पास हो गया।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दोनों विधेयकों को सदन में पेश किया था।विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र काफी हंगामेदार भी रहा।भाजपा विधायक भानुप्रताप शाही इस दौरान सरकार पर खासे आक्रामक रहे।सीएम सोरेन ने भी विपक्ष के हमलों पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि ये लोग मुझे केंद्रीय एजेंसियों और जेल का डर दिखाते हैं,लेकिन मैं जेल में रहते हुए भी विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दूंगा। अब आदिवासी बोका (बेवकूफ) नहीं रहा,अब जाग गया है, अपने अधिकारों को जानता है।हमारी सरकार सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों से नहीं डरती।





सीएम सोरेन ने भाजपा पर लगाया षड़यंत्र करने का आरोप





मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आप लोगों को जितना भी षड़यंत्र करना है करिए।मेरे पिताजी ने झारखंड राज्य के लिए लड़ाई लड़ी और अलग राज्य हासिल किया।आज उनका बेटा राज्य को स्थानीय नीति की पहचान दे रहा है। सीएम सोरेन ने कहा कि आज का दिन बहुत शुभ है।पिछले साल इसी तारीख को सरना धर्म कोड पारित हुआ था।आज का दिन ना केवल शुभ है बल्कि ऐतिहासिक भी है। 11 नवंबर 1908 को ही छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी) एक्ट लागू हुआ था। सीएम सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार जो भी करती है वो शीशे की तरह पारदर्शी है।भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हम आपकी तरह जनता को ठगते नहीं हैं।





सीएम सोरेन ने पीएम मोदी पर साधा निशाना





भारतीय जनता पार्टी पर सामंती सोच होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री फोन पर धमकाते हुए।दरअसल सीएम सोरेन उस फोन कॉल का उदाहरण दे रहे थे जिसमें प्रधानमंत्री हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक प्रत्याशी को अपना नामांकन वापस लेने को कह रहे थे। सीएम सोरेन ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग हत्यारों और बलात्कारियों का माला पहनाकर स्वागत करते हैं। ये कहां से देश में सामाजिक समरसता लाएंगे।





सीएम सोरेन ने कहा कि एक आदिवासी नेता का अच्छा काम करना इनको नहीं सुहाता है।इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री सहित भाजपा के भी दो शीर्ष नेताओं का नाम लेते हुए भाजपा पर इन्हें बर्बाद करने का आरोप लगाया।सीएम सोरेन ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी उस पार्टी में अपनी आखिरी लड़ाई लड़ रहे हैं। अर्जुन मुंडा को सफाई से किनारे लगा दिया गया। मधु कोड़ा को बर्बाद कर दिया।





विधानसभा में पास हुए दो महत्वपूर्ण बिल





शुक्रवार को झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में हेमंत सरकार ने ओबीसी आरक्षण बिल और 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीयता विधेयक को पास करा लिया। झारखंड में अब ओबीसी आरक्षण की सीमा 14 फीसदी से बढ़कर 27 फीसदी हो गई है। स्थानीयता बिल के मुताबिक वही लोग झारखंड के मूल निवासी कहे जाएंगे जिनका या जिनके पूर्वजों का नाम 1932 अथवा उसके पहले के खतियान में दर्ज होगा। जिनका नाम नहीं होगा उनकी स्थानीयता की पहचान ग्राम सभा करेगी। ये सामाजिक-सांस्कृतिक आधार पर होगा।