सीएम हेमंत ने भवन निर्माण विभाग को प्रस्ताव का दिया निर्देश,दुमका में जल्द बनेगा मिनी सचिवालय
सीएम हेमंत ने भवन निर्माण विभाग को प्रस्ताव का दिया निर्देश,दुमका में जल्द बनेगा मिनी सचिवालय <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

रांची। झारखंड की उपराजधानी दुमका में मिनी सचिवालय बनने की संभावनाएं बढ़ गयी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भवन निर्माण विभाग को प्रस्ताव देने का निर्देश दिया है।दुमका के विधायक बसंत सोरेन का प्रयास रंग लाता हुआ दिखाई रहा है।
सीएम हेमंत से विधायक सोरेन ने उपराजधानी दुमका के समग्र विकास तथा क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के लिए यहां मिनी सचिवालय के निर्माण और पहले से निर्मित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के सुदृढ़ीकरण की मांग की थी, जिसपर त्वरित पहल करते हुए सीएम ने भवन निर्माण विभाग के सचिव को शीघ्र प्रस्ताव देने को कहा है।
विधायक सोरेन के विधानसभा क्षेत्र के दुमका जिले के अंतर्गत मसलिया प्रखंड के आमगाछी पंचायत स्थित कालीपाथर गांव के पास नुनबिल नदी पर 837.96 करोड़ रुपये की लागत से बराज बनाये जाने की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हुई है।इस प्रस्तावित बराज के अपस्ट्रीम में इंटेकवेल का निर्माण कराया जायेगा तथा उससे अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिये मसलिया प्रखंड के 11 पंचायत के सभी गांवों के 22,055 हेक्टेयर कमांड एरिया आच्छादित होगा और 15,424 हेक्टेयर में इससे पटवन उपलब्ध होगा।
विधायक सोरेन ने बताया कि दलाही पंचायत के भंगाहीड़ गांव के बेलझार तक पक्की सड़क है।सीएम से अनुरोध किया है कि बेलझार से प्रस्तावित बराज तक 500 मी सड़क बना दी जाए, ताकि बराज से होकर लोग आवाजाही तो कर ही पायेंगे तथा पर्यटन का विकास भी होगा।नदी के पार बेड़ियाबाद व चुवादाहा के ग्रामीण इससे बहुत लाभान्वित होंगे।
विधायक सोरेन ने कहा कि 21 साल में भी यहां की स्थिति नहीं सुधरी है।हेमंत सरकार के गठन के बाद संताल परगना के लोगों में यह आशा जगी थी कि अब यहां का कायाकल्प होगा।इसी कड़ी में मिनी सचिवालय बनाने समेत अन्य समस्याओं की ओर सीएम का ध्यान आकृष्ट कराया गया था।
संबंधित ख़बरें

कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दो बालिग सहेलियों को साथ रहने की मिली अनुमति, कोलकाता के लिए रवाना
● ब्रेकिंग

दिल्ली में ठंड के साथ धुंध की दस्तक: सफदरजंग और पालम पर विजिबिलिटी में भारी गिरावट
● ब्रेकिंग

हरियाणा: 582 विलेज नॉलेज सेंटर, राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक समेत नायब सरकार के कई ऐतिहासिक फैसले

