रांची।झारखंड की राजनीति में खनन पट्टा को लेकर मची खलबली के बीच बुधवार को सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के बीच बयानों का दौर नए सिरे से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ मिली शिकायतों पर उनका पक्ष भारतीय निर्वाचन आयोग ने पूछा है।आयोग ने दस तारीख तक जवाब देने के लिए कहा है।





सीएम हेमंत सोरेन को विशेष प्रतिनिधि द्वारा नोटिस भेजने पर जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आपत्ति जताई है तो वहीं भाजपा ने भी झामुमो पर पलटवार किया है।राज्यपाल को इस बाबत ज्ञापन सौंपने पर प्रदेश भाजपा से भी जवाब और दस्तावेज मांगा गया है।इससे पूर्व भारतीय निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से खनन पट्टे के कागजात का सत्यापन करने को कहा था। मुख्य सचिव ने इसे आयोग को प्रेषित कर दिया है।





सीएम हेमंत सोरेन पर अब सबकी नजरे टिकी है।वे अपनी मां रूपी सोरेन के इलाज के सिलसिले में हैदराबाद में हैं।कयास लगाए जा रहे है कि वे गुरुवार को लौट सकते हैं।उसके बाद चुनाव आयोग को पक्ष भेजने की प्रक्रिया को उनकी मौजूदगी में अंतिम रूप दिया जाएगा। झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य कानूनी मशविरा लेने के सिलसिले में अभी दिल्ली प्रवास पर हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश भी दिल्ली में हैं और राज्य की ताजा राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर पार्टी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं।





सीएम हेमंत सोरेन के नाम पर खनन पट्टा और उनकी पत्‍नी कल्‍पना सोरेन के नाम पर 11 एकड़ सरकारी जमीन का खुलासा करने वाले पूर्व सीएम रघुवर दास को सीएम हेमंत सोरेन ने बीते दिन गर्मजोशी के साथ जन्‍मदिन की बधाई दी और ट्विटर पर अपने संदेश में लिखा- राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय रघुवर दास जी को जन्मदिवस की अनेक-अनेक शुभकामनाएं और जोहार। परमात्मा आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे, यही कामना करता हूं।इस ट्वीट पर बुधवार पूरे दिन सियासी गलियारे में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चलती रहीं।





सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक बार फिर बुधवार को भारतीय निर्वाचन आयोग को निशाने पर लिया। झारखंड मोर्चा पहले ही ये आशंका जता चुका है कि संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाकर विपरीत निर्णय लिया जा सकता है,अगर ऐसा हुआ तो पार्टी अदालत की शरण में जाएगी। झारखंड मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य विनोद पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस भेजने में भारतीय निर्वाचन आयोग की हड़बड़ी समझ से परे है।भाजपा की इस मामले में हड़बड़ी तो समझ में आती है।भाजपा साजिश कर रही है और उसकी मंशा लोग जानते हैं,लेकिन निर्वाचन आयोग की तत्परता इस मामले में इतना अधिक क्यों है कि विशेष प्रतिनिधि के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय को नोटिस सौंपा गया। उन्होंने कहा कि आयोग को पक्ष से अवगत करा दिया जाएगा।





भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने खनन पट्टा मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन अपनी जगह किसी और को पद पर बैठा दें। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी फजीहत करा रहे हैं। बेहतर होगा कि हेमंत सोरेन इस्तीफा देकर अपने किए गए कारनामे पर प्रायश्चित करें। अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं तो राज्यपाल उन्हें बर्खास्त करें। बाबूलाल ने कहा कि राज्य की जनता ने हेमंत सोरेन को कमाने के लिए सत्ता नहीं सौंपी है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार बनाने की चाहत नहीं रखती। पार्टी अपने दायित्व का निर्वहन कर रही है।