विशेष संवाददाता
रांची।एदारा ए शरिया व सुन्नी बरेलवी कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में इस्लामी मरकज हिन्दपीढ़ी में शुक्रवार को एक आवश्यक बैठक हाफिज जावेद एवं कारी अय्यूब की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में रांची के लगभग सभी अहले सुन्नत वल जमायत के मस्जिदों के इमाम सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख प्रतिनिधि के साथ साथ सुन्नी बरैलवी सेन्ट्रल कमिटी के प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में इस्लाहे मुआशरा पर गम्भीर रुप से चर्चा की गई।
बैठक में वक्ताओं ने समाज में फैली बुराईयों पर चर्चा करते हुए बताया कि इसका मूल कारण अशिक्षा के साथ साथ आज के परिवेश में युवा पीढ़ी में अधिकतर नशा का सेवन समाज को बर्बाद कर रहा है, जिसे हर हाल में रोकने पर बल दिया गया। बैठक में शादी विवाह को आसान बनाने के लिए मुस्लिम समाज में तिलक दहेज पर रोक लगाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही साथ जो लोग समाज से भटक कर गलत राह पर चल रहे हैं, उन्हें सीधे रास्ते पर लाकर समाज के मुख्य धारा में शामिल करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में मुस्लिम समाज में फैलने वाली बुराईयों को रोकने के लिए प्रत्येक मुहल्ले में एदारा- ए- शरीया झारखंड व सुन्नी बरैलवी सेन्ट्रल कमिटी के संयुक्त तत्वावधान में प्रत्येक मुहल्ले के प्रबुद्ध प्रतिनिधियों को साथ लेकर जन जागरण अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया, जिसमें प्रथम चरण में सुन्नी बरेलवी सेन्ट्रल कमिटी के अध्यक्ष मौलाना ताजुद्दीन रिजवी, कारी अय्यूब, मौलाना शेर मोहम्मद, मौलाना मो.फारूक, मुफ्ती मो.आकिब के साथ साथ सुन्नी बरेलवी सेन्ट्रल कमिटी के महा सचिव अकीलुर्रहमान एवं प्रवक्ता मो. इसलाम, आफताब आलम कारवां में शामिल रहेंगे, जो स्थानीय उलेमा एवं स्थानीय प्रबुद्ध लोगों को साथ ख़ानकाहों, मुहल्ले के मस्जिदों से लेकर डोर टू डोर जन सम्पर्क अभियान चलाते हुए प्रत्येक क्षेत्रीय स्तर पर बैठक कर समाज में फैलने वाली बुराईयों को रोकने का काम किया जाएगा।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हर क्षेत्र में उलेमाओं व प्रमुख लोगों की अलग अलग टीम बनाकर लोगों में जागरूकता लाने व समाज में फैलने वाली तमाम बुराईयों को रोकने का काम किया जाएगा। बैठक में आपसी भाईचारा क़ायम रखते हुए आम लोगों को इस तहरीक से जोड़ने की भी बात कही गई।
बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष मौलाना ताजुद्दीन रिजवी,महा सचिव अकीलुर्रहमान,प्रवक्ता मो. इसलाम, आफताब आलम, शहर काजी मौलाना मसूद फरीदी, मौलाना फारूक, कारी अयमुफ्ती आकिब, मौलाना शेर मोहम्मद, हाफिज नसरुल्लाह, हाफिज जावेद,दिलदार हुसैन मिसबाही, मो. रिजवान, मोबारक हुसैन, आकिब जावेद, सद्दाम हुसैन फैजी, तारक हुसैन, जुबैर अत्तार, नसीम अख्तर, शौकत अली, शहबाज आलम मिसबाही, इरफान सादिक मिसबाही, आलम हुसैन बरकाती, मो. कलीमुल्लाह , रिजवान मिसबाही मुफ्ती एजाज हसन मिस्बाही मो. तौहीद,मो. इश्तेयाक,सहित अनेक उलेमा एवं प्रमुख पदाधिकारी बैठक में उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत तेलावते कलाम पाक से की गई एवं सामूहिक दुआ के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया।





