प्रतिनिधि,धनबाद। उर्वरक नगरी नाम से जानने वाली सिंदरी औद्योगिक नगरी में लाखों की जनसंख्या निवास करती है। जहां हर्ल का उर्वरक कारखाना, एसीसी सीमेंट कारखाना, कई छोटी औद्योगिक इकाइयां एंव (इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक) शिक्षण संस्थान हैं। दूरगामी यात्रा के लिए सिंदरी के नगर वासियों का मुख्य रेलवे स्टेशन धनबाद है। जहां हर दिन 100 से अधिक ट्रेनें 100,000+ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की सुविधा प्रदान करता है। धनबाद रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए सिंदरी वासीयों के लिए दो मार्ग है।एक सड़क मार्ग और दूसरा रेल मार्ग। सड़क मार्ग से धनबाद रेलवे स्टेशन पहुंचना किसी जद्दोजहत से कम नहीं है। यात्रियों को गड्ढे नुमा सड़क पर उड़ती धूल के बीच वाहनों से धनबाद रेलवे स्टेशन पहुंचना पड़ता है,जो बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए बहुत कष्टदायक है। दूसरा सिंदरी धनबाद रेल मार्ग,जो सुगम है पर रेल परिचालन इस मार्ग में सिर्फ तीन बार हो।
वीएसएस इंप्लाइज वेलफेयर संगठन के अध्यक्ष सेवा सिंह ने कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनें जैसे धनबाद- हावड़ा कोलफील्ड एक्सप्रेस, धनबाद- टाटानगर स्वर्ण रेखा एक्सप्रेस , धनबाद -रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस, धनबाद- सासाराम एक्सप्रेस, जो अपने गंतव्य के लिए सुबह 5 से 6:00 बजे धनबाद स्टेशन से खुलती हैं। इसके लिए रात्रि सेवा बढ़ाते हुए 10:30 बजे धनबाद से सिंदरी के लिए खुलकर रात्रि ठहराव सिंदरी टाउन में रखने एवं सुबह 4:00 बजे सिंदरी से धनबाद स्टेशन के लिए एक बार पुनः परिचालन के लिए रेलवे प्रबंधन से मांग की है।





