प्रयागराज।उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद समेत कई संतों को जहर देकर उनकी हत्या की साजिश का खुलासा पुलिस और एसटीएफ ने किया है। संतों की हत्या की साजिश रचने के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा है,जिससे पुलिस और एसटीएफ की टीमें पूछताछ में जुटी हैं।





जानकारी के मुताबिक प्रयागराज में रहने वाली महिला संत त्रिकाल भवंता के आश्रम में शनिवार को विक्रम सिंह उर्फ योगेंद्र शर्मा नाम का एक युवक पहुंचा।उसने त्रिकाल भवंता को जानकारी दी कि 1 जनवरी को हरिद्वार में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के सम्मान में होने वाले समारोह में भोज का आयोजन किया गया है।वहां खाने में जहर डालकर स्वामी कैलाशानंद समेत सभी संतों को मारने की साजिश रची गई है।





संदिग्ध व्यक्ति का दावा है कि उससे नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपये लिए गए थे,लेकिन न तो नौकरी दी गई और न ही पैसे वापस किए गए।इसी का बदला लेने के लिए वह स्वामी कैलाशानंद की हत्या करना चाहता है।साध्वी त्रिकाल भगवंता ने युवक को बातों में फंसाकर पुलिस को सूचना दी।पुलिस ने आश्रम पहुंचकर व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है।कई एजेंसियां पकड़े गए संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ में जुटी हैं।





पूछताछ में यह भी सामने आया है कि संदिग्ध व्यक्ति रेकी करने के लिए 29 नवंबर को हरिद्वार में स्वामी कैलाशानंद के आश्रम गया था और आश्रम में 4 घंटे तक रुका हुआ था। व्यक्ति ने अपना नाम और पता गलत दर्ज कराया था।बरहाल प्रयागराज पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।पुलिस ने हरिद्वार के अफसरों और स्वामी कैलाशानंद को भी संदिग्ध व्यक्ति के पकड़े जाने की जानकारी दे दी है।





प्रयागराज के डीसीपी अजीत सिंह चौहान का दावा पकड़ा गया व्यक्ति शुरुआती पूछताछ में ठग समझ आ रहा है। वह इस तरह की सनसनी फैलाकर साध्वी त्रिकाल भवंता से कुछ पैसे ऐंठना चाहता था।संदिग्ध व्यक्ति और उसके दावे के बारे में हर एंगल पर पड़ताल की जा रही है।