चंडीगढ़ (हरियाणा):
हरियाणा में खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के तहत धान की सरकारी खरीद (Paddy Procurement) बड़े पैमाने पर और बेहद सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने वाले 2 लाख 22 हजार 154 किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए करीब 4,263 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर कर दी है।
हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि किसानों को मंडी में फसल बेचने के बाद अपनी मेहनत की कमाई के लिए इंतजार न करना पड़े।
खरीद का 53% लक्ष्य पूरा, कुरुक्षेत्र जिला सबसे आगे
केंद्र सरकार ने इस सीजन के लिए हरियाणा से कुल 58 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। सोमवार सुबह 8 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार:
- कुल आवक: राज्य की विभिन्न मंडियों में अब तक 37.27 लाख टन धान पहुंच चुका है।
- कुल खरीद: इसमें से 30.69 लाख टन धान की एमएसपी पर खरीद पूरी हो चुकी है, जो कि कुल तय लक्ष्य का लगभग 53 प्रतिशत है।
जिलेवार खरीद और उठान की स्थिति:
| जिला | मंडी में कुल आवक | अब तक हुई खरीद | मंडी से उठाया गया धान |
| कुरुक्षेत्र | 8.23 लाख टन | 7.64 लाख टन | 6.47 लाख टन |
| कैथल | 6.76 लाख टन | 5.94 लाख टन | 4.50 लाख टन से अधिक |
| करनाल | 5.60 लाख टन | 4.32 लाख टन | 2.75 लाख टन से अधिक |
खरीद के साथ-साथ मंडियों से धान का तेज उठान भी सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि मंडियों में जगह की कमी न हो और नए आने वाले किसानों को अपनी फसल रखने में कोई असुविधा न उठानी पड़े।
रबी सीजन की बुवाई के लिए मिली बड़ी राहत
धान बेचने के तुरंत बाद किसानों के बैंक खातों में सीधी रकम पहुंचने से उन्हें रबी की आगामी फसलों (गेहूं, सरसों, चना आदि) की तैयारी में काफी सहूलियत मिल रही है।
- समय पर नकदी की उपलब्धता: रबी की बुवाई के लिए आवश्यक उत्तम किस्म के बीज, खाद (DAP व यूरिया) और सिंचाई की व्यवस्था करने के लिए किसानों को समय पर पैसा मिल रहा है।
- बिचौलियों और देरी से मुक्ति: पहले किसानों को भुगतानों के लिए हफ्तों तक चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन डीबीटी प्रणाली लागू होने से न केवल देरी खत्म हुई है, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी पूरी तरह समाप्त हो गई है।
दिसंबर तक लक्ष्य हासिल करने की तैयारी
मंडियों में धान की आवक अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में अन्य जिलों से भी बड़ी मात्रा में उपज पहुंचने की उम्मीद है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार:
- मंडियों में पर्याप्त बारदाने (जूट बैग्स), तौल कांटे और भंडारण की व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
- जिन जिलों में खरीद की रफ्तार थोड़ी धीमी है, वहां अतिरिक्त खरीद केंद्र खोलने तथा प्रशासनिक स्टाफ बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
- राज्य सरकार का लक्ष्य दिसंबर माह तक तय किए गए 58 लाख टन धान की खरीद को पूरी पारदर्शिता और सुगमता के साथ संपन्न करना है।
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