दिग्गज और लोकप्रिय अभिनेता नाना पाटेकर के 75 वर्ष की उम्र में हुए निधन के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गोवा स्थित उनके घर पर सीने में तेज दर्द के बाद वे बेहोशी की हालत में मिले थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद 'हार्ट अटैक' और 'कार्डियक अरेस्ट' शब्दों को लेकर आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन जाती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, ये दोनों दिल से जुड़ी बेहद गंभीर स्थितियां हैं, लेकिन इनके कारण और शरीर पर पड़ने वाला असर पूरी तरह अलग होता है।

1. हार्ट अटैक क्या है? (Heart Attack)

हार्ट अटैक मुख्य रूप से ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) की समस्या है।

  • कारण: यह तब होता है जब हृदय (दिल) तक खून और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली किसी धमनी (Artery) में ब्लॉकेज आ जाता है।
  • असर: हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त रक्त न मिलने के कारण वे डैमेज होने लगती हैं।
  • लक्षण: इसमें सीने में तेज दर्द, दबाव, जकड़न, सांस लेने में तकलीफ या पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति में लक्षण अलग हो सकते हैं, और महिलाओं में इसके संकेत पुरुषों से भिन्न हो सकते हैं।

2. कार्डियक अरेस्ट क्या है? (Cardiac Arrest)

अचानक होने वाला कार्डियक अरेस्ट दिल की इलेक्ट्रिकल सिस्टम में आई गड़बड़ी से जुड़ा है।

  • कारण: इसमें दिल की धड़कन नियंत्रित करने वाली विद्युत प्रणाली अचानक फेल हो जाती है, जिससे दिल प्रभावी तरीके से धड़कना बंद कर देता है।
  • असर: दिल शरीर के मुख्य अंगों (जैसे दिमाग और फेफड़ों) तक खून पंप करना रोक देता है। व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाता है और उसकी नब्ज (Pulse) मिलनी बंद हो जाती है।
  • जरूरत: यह स्थिति जानलेवा होती है और इसमें हर सेकंड कीमती होता है। इस दौरान तुरंत सीपीआर (CPR) और एईडी (AED - Automated External Defibrillator) की मदद की आवश्यकता होती है।

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दोनों के बीच का संबंध

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट भले ही अलग हों, लेकिन इनके बीच गहरा संबंध है। हार्ट अटैक के दौरान या उसके तुरंत बाद कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा काफी बढ़ जाता है, हालांकि हर हार्ट अटैक के बाद कार्डियक अरेस्ट हो, यह जरूरी नहीं है। इसके अलावा कार्डियोमायोपैथी या गंभीर एरिदमिया जैसी दिल की अन्य बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं।

आपात स्थिति में क्या करें?

  • हार्ट अटैक की आशंका होने पर: सीने में तेज दर्द को कभी भी मामूली गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज न करें। तुरंत स्थानीय इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें और मरीज को अस्पताल पहुंचाएं।
  • कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में: यदि व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए और प्रतिक्रिया न दे, तो बिना समय गंवाए तुरंत इमरजेंसी मदद बुलाएं, सीपीआर (CPR) शुरू करें और यदि उपलब्ध हो तो जल्द से जल्द AED का उपयोग करें।

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