नई दिल्ली:

त्योहारी और शादियों के सीजन के बीच अगर आप भी सोने के गहनों पर सिर्फ 'हॉलमार्क' की मुहर देखकर बेफिक्र खरीदारी कर रहे हैं, तो सावधान हो जाने की जरूरत है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा सोने की हॉलमार्किंग फीस में की गई भारी बढ़ोतरी के बाद ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने बाजार में नकली हॉलमार्क वाले सोने की बिक्री बढ़ने की गंभीर चेतावनी जारी की है।

जीजेसी का कहना है कि हॉलमार्किंग चार्ज बढ़ने और आधिकारिक सेंटरों के चक्कर से बचने के लिए कुछ बेईमान सुनार ग्राहकों को चूना लगाने के लिए फर्जी मुहरों का सहारा ले सकते हैं।

कितना बढ़ा हॉलमार्किंग चार्ज?

हाल ही में सरकारी नियमों के तहत सोने के प्रति गहने (Per Article) पर लगने वाले हॉलमार्किंग चार्ज में बड़ी वृद्धि की गई है:

  • पुराना चार्ज: ₹45 प्रति गहना
  • नया चार्ज: ₹75 प्रति गहना

हालांकि आम ग्राहकों के लिए ₹30 की यह बढ़ोतरी मामूली लग सकती है, लेकिन थोक (Bulk) में हजारों गहने तैयार करवाने वाले ज्वैलर्स और निर्माताओं के लिए यह खर्च अचानक काफी बढ़ गया है। GJC के अनुमान के अनुसार, फीस की इस नई बढ़ोतरी से ज्वेलरी इंडस्ट्री पर लगभग ₹400 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिसके साथ करीब ₹80 करोड़ का जीएसटी (GST) अलग से लागू होगा।

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GJC ने किया पर्दाफाश: क्यों बढ़ा धोखाधड़ी का खतरा?

GJC के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि धोखेबाज हॉलमार्किंग सुरक्षा उपायों (जिनमें सुरक्षा तस्वीरें और HUID कोड शामिल हैं) की नकल करने के लिए नए और एडवांस तरीके अपना रहे हैं।

चेयरमैन के मुताबिक, देश के 800 जिलों में से महज 10% आबादी ही 'BIS CARE' ऐप और असली हॉलमार्क की पहचान करने के तरीकों से जागरूक है। इसी अज्ञानता का फायदा उठाकर कई सुनार बढ़ी हुई फीस से बचने के लिए दुकानों में ही बनी नकली मुहरों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए GJC ने उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी और BIS अधिकारियों से मुलाकात कर फीस को वापस घटाकर ₹45 करने की गुहार लगाई है।

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मान्यता प्राप्त हॉलमार्किंग सेंटरों के आंकड़े

GJC द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

  • AHC सेंटरों की संख्या: जुलाई 2022 में मान्यता प्राप्त असेइंग और हॉलमार्किंग सेंटर्स (AHCs) की संख्या 1,220 थी, जो जुलाई 2026 तक बढ़कर 1,577 हो गई है।
  • हॉलमार्क किए गए आइटम: अब तक HUID (Hallmark Unique Identification) के साथ 650 मिलियन (65 करोड़) से अधिक ज्वेलरी आइटम हॉलमार्क किए जा चुके हैं।
  • सालाना गतिविधि: वर्ष 2025-26 के दौरान ही रिकॉर्ड 132.2 मिलियन (13.22 करोड़) से ज्यादा गहनों को हॉलमार्क किया गया।
ग्राहकों के लिए सलाह: सोने के गहने खरीदते समय सिर्फ मुहर देखने के बजाय BIS Care App के जरिए 6-अंकों वाले HUID कोड की जांच अवश्य करें और हमेशा पक्का बिल (Invoice) प्राप्त करें।

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