खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना द्वारा होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर दो दिनों में दूसरी बार किए गए जोरदार हवाई हमलों के बाद ईरान ने भी भीषण पलटवार किया है। ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया है।

संघर्ष के मुख्य घटनाक्रम और दोनों पक्षों के दावों की तालिका

क्षेत्र/स्थानहमलावर पक्षघटना एवं क्षति का विवरण
होर्मोजगन प्रांत (सिरिक, ईरान)अमेरिकाशादी वाले घर पर मिसाइल गिरी; 1 बच्चे समेत 5 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल।
जॉर्डन (अमेरिकी बेस)ईरान13 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं; जॉर्डन एयर डिफेंस ने 10 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया, 3 सुनसान इलाकों में गिरीं।
बहरीन एवं कुवैतईरानबहरीन में अमेरिकी बेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले; कुवैत के एयर डिफेंस ने दुश्मन ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया।
केशम, चाबहार, जिरोफ्ट (ईरान)अमेरिकाबंदरगाहों, हवाई अड्डों और IRGC ठिकानों पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले।

दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व और सेना के बयान

  • डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति): वाशिंगटन होर्मुज स्ट्रेट के पास "बड़े और शक्तिशाली" हमले कर रहा है। यह कार्रवाई ईरान द्वारा समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले के जवाब में की गई है।
  • IRGC (ईरानी सेना): ईरान ने "हमलावरों को पछतावा कराने वाला जवाब" दिया है। ईरान का दावा है कि उसने हमलों में भारी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को मार गिराया है और होर्मुज स्ट्रेट में विदेशी सेनाओं से निपटने के लिए अपनी घेराबंदी मजबूत कर ली है।
  • US सेंट्रल कमांड (CENTCOM): हमले मंगलवार दोपहर 12 बजे शुरू किए गए, जो होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों पर ईरानी खतरों के जवाब में थे।
मानवीय तबाही का मंज़र
ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगन के कुहेस्ताक में मिसाइल का मलबा एक शादी वाले घर पर गिरने से खुशियां मातम में बदल गईं। रेड क्रिसेंट और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, गंभीर रूप से घायलों को इलाज के लिए मिनाब अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तनाव पूरे मध्य पूर्व में फैल चुका है और जॉर्डन सहित कई पड़ोसी देशों में हवाई हमलों के सायरन गूंज रहे हैं। IRGC की ओर से और कड़े पलटवार की चेतावनी के बाद क्षेत्र में पूर्ण पैमाने पर युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।