तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस और सत्ताधारी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के बीच 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए 'प्रधानमंत्री उम्मीदवार' के मुद्दे को लेकर जारी जुबानी जंग के बीच नया मोड़ आया है। तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता थाराहाई कुथबर्ट ने दावा किया है कि राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राहुल गांधी को ही INDIA ब्लॉक का पीएम उम्मीदवार स्वीकार किया है और वे इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने दोनों प्रमुख सहयोगी दलों के बीच गठबंधन में किसी भी तरह के मतभेद या दरार की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है।

विवाद की शुरुआत: सर्वे से उपजा PM पद का दावा

  • मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे: 27 अगस्त को जारी इंडिया टुडे के सर्वे में प्रधानमंत्री पद की पसंद के मामले में पीएम नरेंद्र मोदी (48.7%) और राहुल गांधी (27.1%) के बाद TVK प्रमुख विजय (9.2%) तीसरे स्थान पर रहे।
  • TVK नेताओं की मांग: सर्वे के परिणाम आने के बाद TVK के लोक निर्माण (PWD) मंत्री आधव अर्जुन समेत कई नेताओं ने मांग रखी कि 2029 में देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद तमिलनाडु के किसी नेता (विजय) को मिलना चाहिए।
  • कांग्रेस का पलटवार: इस मांग के बाद कांग्रेस के राज्य पर्यटन मंत्री एस. राजेश कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी थी कि अगर TVK राहुल गांधी के नाम पर सहमति नहीं जताती है, तो कांग्रेस राज्य सरकार और कैबिनेट से अलग हो जाएगी।

मुख्य बिंदुओं पर कांग्रेस विधायक दल की सफाई

मुद्दाकांग्रेस नेता थाराहाई कुथबर्ट का स्पष्टीकरण
विजय का PM फेस बननायह केवल TVK कार्यकर्ताओं के व्यक्तिगत उत्साह का परिणाम है, पार्टी का आधिकारिक फैसला नहीं।
गठबंधन में खटासTVK और कांग्रेस का गठबंधन मजबूत है। विजय और राहुल गांधी के बीच घनिष्ठ व भाईचारे के संबंध हैं।
विधानसभा में सीट बदलाव31 अगस्त को अग्रिम पंक्ति (विपक्ष की ओर) में सीट मिलना एक सामान्य प्रक्रिया है, जो CLP लीडर की नई जिम्मेदारी के कारण हुआ।
पार्टी की स्वतंत्रताकांग्रेस तमिलनाडु में एक स्वतंत्र और स्वायत्त दल के रूप में अपनी जमीन मजबूत कर रही है, न कि किसी की सहायक बनकर।

'राहुल की बढ़ती साख से घबराई BJP'

उत्तराखंड के हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए कुथबर्ट ने इसे भारतीय जनता पार्टी की "राजनीतिक घबराहट" बताया। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की बढ़ती संभावनाओं से बीजेपी डरी हुई है और इसी वजह से इस तरह के कदम उठा रही है।

विवादों और बयानों के इस दौर में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या TVK नेतृत्व कांग्रेस के इस दावे पर अपनी आधिकारिक मोहर लगाता है या नहीं।