प्रतिनिधि,चतरा। संयुक्त सचिव स्वास्थ, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड सरकार के निर्देशानुसार चतरा जिला में कुल 45 खाद्य प्रतिष्ठान रेस्तरा, ढाबा, बेकरी एवं केक दुकान तथा मीट दुकानों का हाईजीन रेटिंग ऑडिट कराने का निर्देश प्राप्त है। इसके लिए अभिहित आधिकारी सह चतरा के अनुमंडल पदाधिकारी एवं सिमरिया तथा जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार शर्मा के द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।जिले के अंदर संचालित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का सर्वे एफएसएसआई अधिकृत एजेंसी एस्ट्रेलियस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड इंदौर मध्य प्रदेश कि प्रियंका यादव एवं ज्ञानसिटी एजुकेशनल ट्रस्ट के संतोष पाठक के द्वारा एफएसएसआई के मानक के अनुरूप किया जा रहा है।
इस आशय की जानकारी देते हुए जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि हाईजीन रेटिंग ऑडिट का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता और सुरक्षा मानकों में सुधार लाने के लिए खाने-पीने के व्यवसायों को प्रोत्साहित करके उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों से संबंधित सूचित विकल्प निर्णय लेने की अनुमति प्रदान करना है। हाईजीन रेटिंग का सर्वे दिनांक 19 अप्रैल से 23 अप्रैल तक किया गया है। इस क्रम में चतरा शहरी क्षेत्र, हंटरगंज प्रखंड, इटखोरी प्रखण्ड, सिमरिया, बगरा मोड़, टंडवा प्रखण्ड के विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों एवं रेस्टोरेंट का सर्वे किया गया। उन्होंने बताया कि जो भी खाद्य प्रतिष्ठान एफएसएसआई के सभी मानकों पर खरा उतरेंगे उन्हें हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
राजेश शर्मा ने बताया कि एफएसएसआई की खाद्य स्वच्छता रेटिंग योजना (फ़ूड हाइजीन रेटिंग स्कीम) पहल अपने परिसर या उससे बाहर उपभोक्ताओं को सीधे खाद्य पदार्थों की आपूर्ति के व्यापार के लिए प्रमाणन प्रणाली की योजना है।खाद्य प्रतिष्ठानों के ऑडिट के समय खाने की स्वच्छता और सुरक्षा की स्थितियों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छता रेटिंग स्माइली (1 से 5 तक) के रूप में होगी और इसे उपभोक्ता को दिखाई देने वाले स्थान में प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा।मान्यता प्राप्त हाइजीन रेटिंग ऑडिट एजेंसियां एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित खाद्य स्वच्छता और सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुपालन की पुष्टि करने के लिए जिम्मेदार होंगी। वर्तमान में यह योजना खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों जैसे होटल, रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया और ढाबों, मिठाई की दुकानों, बेकरी और मांस की खुदरा दुकानों के लिए लागू है।इस योजना का लाभ उठाने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों के पास एफएसएसआई लाइसेंस,रजिस्ट्रेशन संख्या, फोस्टैक का प्रमाण पत्र, पानी का जांच प्रतिवेदन होना अतिआवश्यक है।





