श्रीनगर | जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी (PDP) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर पवित्र कुरान को राजनीतिक रंजिश का जरिया बनाने का आरोप लगाया। महबूबा ने कहा कि अपनी प्रशासनिक नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए एनसी धार्मिक प्रतीकों का सहारा ले रही है, जो बेहद निंदनीय है।
विवाद की जड़: "कुरान पर हाथ रखकर खाएं कसम"
हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में 'क्रॉस वोटिंग' के आरोपों के बाद यह विवाद शुरू हुआ।
NC का आरोप: नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने दावा किया कि पीडीपी ने भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की है।
चुनौती: सादिक ने महबूबा मुफ्ती और उनके तीन विधायकों को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी कि वे पवित्र कुरान पर हाथ रखकर कसम खाएं कि उन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया है।
महबूबा का पलटवार: "मुस्लिम मुद्दों पर चुप्पी क्यों?"
महबूबा मुफ्ती ने प्रेस वार्ता के दौरान एनसी की इस मांग को राजनीति का गिरता हुआ स्तर बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी कुरान की दुहाई दे रही है, वह मुसलमानों के असली मुद्दों पर खामोश क्यों है?
"पवित्र कुरान की महत्ता समझने वालों को वक्फ बिल पास होने पर बोलना चाहिए था। सिराज-उल-उलूम स्कूल बंद होने, उर्दू की बर्बादी और मस्जिद कमेटियों की निगरानी पर एनसी क्यों चुप रही?" — महबूबा मुफ्ती, अध्यक्ष, पीडीपी
प्रशासनिक विफलताओं पर घेरा
पीडीपी अध्यक्ष ने एनसी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए:
बैकडोर नियुक्तियां: सरकारी विभागों और बैंकों में बिना किसी विज्ञापन के हजारों 'बैकडोर' नियुक्तियां की जा रही हैं।
बुलडोजर कार्रवाई: नशा तस्करों और आतंकी हमदर्दों के नाम पर लोगों के घर गिराए जा रहे हैं और कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है, जबकि सरकार केवल तमाशा देख रही है।
ध्यान भटकाने की साजिश: महबूबा ने कहा कि अपनी इन विफलताओं को छिपाने के लिए एनसी अब कुरान और पीडीपी को निशाना बना रही है।
सियासी समीकरण
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में इस समय आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर चरम पर है। एक तरफ नेशनल कॉन्फ्रेंस पीडीपी पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाकर उनकी साख पर सवाल उठा रही है, वहीं महबूबा मुफ्ती इसे एनसी की 'धार्मिक राजनीति' बताकर बचाव कर रही हैं।
निष्कर्ष: महबूबा मुफ्ती ने साफ शब्दों में कहा, "हमसे सियासी लड़ाई लड़ें, हमें इल्जाम दें, लेकिन खुदा के वास्ते पवित्र कुरान को अपनी रंजिशों में मत घसीटें।" अब देखना यह होगा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस इस तीखी प्रतिक्रिया पर क्या रुख अपनाती है।





