तिरुवनंतपुरम/दिल्ली: केरलम की सत्ता को लेकर पिछले दस दिनों से जारी सियासी हलचल और सस्पेंस पर गुरुवार को आखिरकार पूर्ण विराम लग गया। कांग्रेस आलाकमान ने वीडी सतीशन को राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। 4 मई को आए चुनावी नतीजों के बाद से ही मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कयासों का बाजार गर्म था, जिस पर आज कांग्रेस नेतृत्व ने आधिकारिक मुहर लगा दी।

दिल्ली से हुआ नाम का एलान

राजधानी दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं— दीपादास मुंशी, मुकुल वासनिक और अजय माकन ने सतीशन के नाम की घोषणा की। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि अनुभवी और युवा ऊर्जा के संतुलन को देखते हुए सतीशन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

"यह फैसला राज्य की जनता की आकांक्षाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। वीडी सतीशन के नेतृत्व में केरलम विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।" — कांग्रेस नेतृत्व

चुनावी प्रदर्शन पर एक नज़र

केरलम विधानसभा की 140 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से सीपीआईएम (LDF) और कांग्रेस (UDF) के बीच था।

कुल सीटें: 140

UDF की जीत: 102 सीटें

बहुमत का आंकड़ा: 71

यूडीएफ ने 102 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया था, लेकिन मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर पार्टी के भीतर गहन मंथन और बैठकों का दौर चलता रहा। नतीजों के 10 दिन बाद आए इस फैसले को राज्य में 'नई पीढ़ी के नेतृत्व' की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

क्यों अहम है सतीशन का चयन?

वीडी सतीशन की छवि एक प्रखर वक्ता और ज़मीनी नेता की रही है। विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में उनके आक्रामक रुख ने पार्टी को मजबूती दी थी। जानकारों का मानना है कि उनकी साफ-सुथरी छवि और गुटबाजी से परे सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता के कारण ही उन्हें इस प्रतिष्ठित पद के लिए चुना गया है।