ठाणे/मुंबई:
देशभर में चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 'NEET' के प्रश्नपत्र लीक का विवाद अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि अब महाराष्ट्र में 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया है। रविवार, 28 जून 2026 को होने वाली इस राज्य स्तरीय परीक्षा को पेपर लीक की पुष्टि के बाद आनन-फानन में रद्द कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने भिवंडी इलाके से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE), पुणे ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर परीक्षा को अगले आदेश तक के लिए टाल दिया है। इस परीक्षा में राज्य भर के 1,028 केंद्रों पर करीब 4 लाख उम्मीदवारों को शामिल होना था।
भिवंडी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 हिरासत में
खुफिया सूचना के आधार पर ठाणे जिले की कोनगांव (भिवंडी) पुलिस ने जाल बिछाकर पेपर लीक गिरोह से जुड़े तीन लोगों को दबोच लिया है। कोनगांव पुलिस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगनाओं और कड़ियों का पर्दाफाश किया जा सके।
'सरकार का संरक्षण है...' विपक्ष ने बोला तीखा हमला
इस घटना के बाद महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है और विपक्षी दलों ने एक सुर में महायुति सरकार को घेरा है:
अंबादास दानवे (शिवसेना-यूबीटी): विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा, "यह सरकार एक TET का पेपर भी सुरक्षित नहीं रख पा रही है। लगातार गुड गवर्नेंस का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार के राज में यह कड़ा सच है। नीट मामले में गिरफ्तारियों के बाद भी पेपर लीक होना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं इस रैकेट को सरकारी संरक्षण प्राप्त है।" उन्होंने साफ किया कि सोमवार को विधानसभा के चालू सत्र में विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को पूरी तरह घेरेगा।
रोहिणी खडसे (राकांपा-शरदचंद्र पवार): एनसीपी (एसपी) की महिला प्रदेश अध्यक्ष रोहिणी खडसे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि राज्य के 4 लाख युवाओं के भविष्य का कत्ल है। उन्होंने तंज कसा, "सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ विपक्षी दलों के नेताओं को तोड़ने और राजनीति चमकाने में है, जबकि राज्य के छात्र और उनका भविष्य भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।"
घटनाक्रम पर एक नज़र (मुख्य बिंदु):
4 लाख छात्रों को झटका: परीक्षा से ठीक 24 घंटे पहले पेपर लीक होने के कारण लाखों युवाओं की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
सदन में हंगामे के आसार: विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सोमवार को सदन में चर्चा और सरकार से जवाब मांगने की रणनीति तैयार कर ली है।
जांच का दायरा बढ़ा: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर कितने लोगों तक पहुंचा और इसके बदले कितने रुपयों का लेन-देन हुआ था।
NEET के बाद राज्य स्तर पर इतनी बड़ी परीक्षा के लीक होने से परीक्षा प्रणालियों की सुरक्षा और शुचिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।





