लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर करारा हमला बोला। महंगाई, भ्रष्टाचार और चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने बीजेपी की कार्यशैली की तुलना 'सोनपापड़ी' से की, जहाँ झूठ की एक परत के ऊपर दूसरी परत चढ़ाई जाती है।
EVM और टेक्नोलॉजी पर संदेह: 'स्मार्ट मीटर' का दिया उदाहरण
अखिलेश यादव ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने हाल ही में मोबाइल फोन पर आए 'इमरजेंसी अलर्ट' का जिक्र करते हुए कहा:
टेक्नोलॉजी का डर: "जब बंद मोबाइल में भी अलर्ट आ सकता है, तो तकनीक पर भरोसा कैसे करें? अगर स्मार्ट मीटर में बेईमानी और बिजली की चोरी हो सकती है, तो EVM में क्यों नहीं?"
बीजेपी की रणनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी तकनीक के जरिए जनता को डराना चाहती है और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
चुनाव आयोग और बंगाल चुनाव पर तल्ख टिप्पणी
सपा प्रमुख ने निर्वाचन आयोग (EC) की भूमिका पर भी उंगली उठाई:
निष्पक्षता पर सवाल: अखिलेश ने कहा कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसे न्यूट्रल होना चाहिए, लेकिन रामपुर उपचुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की तैनाती में भेदभाव किया गया।
बंगाल का रण: पश्चिम बंगाल चुनाव पर उन्होंने कहा कि बीजेपी ने यूपी में चुनाव आयोग के साथ मिलकर एक 'रिहर्सल' की थी, जिसे अब बंगाल में दोहराया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि "बंगाल में दीदी (ममता बनर्जी) थीं और दीदी ही रहेंगी।"
महंगाई और आर्थिक मंदी पर घेराव
अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई का नया दौर शुरू होगा:
ईंधन और ट्रांसपोर्ट: पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों के कारण हर चीज महंगी हो जाएगी। हवाई यात्रा भी महंगी हो रही है और कई रूट्स पर सेवाएं बंद हो रही हैं।
भ्रष्टाचार का आरोप: उन्होंने कहा कि बीजेपी भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम रही है और अपने करीबियों को ज्यादा मुनाफा कमाने की छूट दे रही है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।
शिक्षा और पलायन: "गरीबों के लिए बंद हुए दरवाजे"
शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए सपा प्रमुख ने कहा:
महंगी पढ़ाई: प्राइवेट कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज की फीस इतनी बढ़ गई है कि गरीब बच्चे वहां पढ़ नहीं सकते। सरकार ने जानबूझकर ऐसा फीस स्ट्रक्चर बनाया है।
पुरानी योजनाओं का जिक्र: उन्होंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) द्वारा शुरू की गई 'कन्या विद्या धन' योजना को याद किया और वादा किया कि भविष्य में KG से लेकर PG तक मुफ्त शिक्षा और रोजगार दिलाने वाली व्यवस्था पर काम करेंगे।
बेरोजगारी और पलायन: उन्होंने कहा कि रोजगार की कमी के कारण उत्तर प्रदेश के युवा आज भी पलायन करने पर मजबूर हैं।
निष्कर्ष: अखिलेश यादव का यह बयान आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तकनीक पर उनके संदेह और चुनाव आयोग पर हमलों ने एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता की बहस को तेज कर दिया है।





