मुंबई
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई के विश्व प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर में दान राशि के गबन का सनसनीखेज आरोप लगाया है। मनसे की छात्र इकाई के 20वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने दावा किया कि सिद्धिविनायक मंदिर की दान पेटी से हर साल लगभग ₹18 करोड़ रुपये चोरी किए जा रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिवसेना (शिंदे गुट) नेता सदा सर्वंकर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि राज ठाकरे ने तथ्यों का गलत अर्थ निकाला है।
राज ठाकरे का दावा: 'ट्रस्टियों ने उपमुख्यमंत्री को लिखा पत्र'
राज ठाकरे ने कार्यक्रम के दौरान एक पत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाए:
ट्रस्टियों की शिकायत: मंदिर ट्रस्ट के आठ ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर दान में हो रही गड़बड़ी की जांच कराने का अनुरोध किया है।
कर्मचारियों की संलिप्तता: सतर्कता के कारण मंदिर के कुछ कर्मचारियों को चोरी करते पकड़ा गया था। इन कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद मंदिर के दैनिक दान के औसत संग्रह में भारी बढ़ोतरी देखी गई।
सालाना 18 करोड़ का नुकसान: पत्र के हवाले से ठाकरे ने दावा किया कि मंदिर के चंदे से प्रतिवर्ष करीब ₹18 करोड़ की लूट हो रही थी।
राम मंदिर पर भी निशाना: इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में भी ₹1,400 करोड़ की कथित चंदा चोरी का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किए।
मंदिर ट्रस्ट का जवाब: 'गबन नहीं, की गई है सख्त कार्रवाई'
राज ठाकरे के आरोपों पर पलटवार करते हुए सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सर्वंकर ने स्थिति स्पष्ट की:
"₹18 करोड़ के किसी बड़े घोटाले की शिकायत नहीं थी। जांच के दौरान हमें पता चला कि कुछ कर्मचारी गड़बड़ी कर रहे थे, जिसके बाद हमने त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की और प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। वीआईपी दर्शन के नाम पर पैसे लेने वाले कर्मचारियों पर भी गाज गिरी है।"
सुधारों से बढ़ी मंदिर की आय
| वर्ष / स्थिति | मंदिर की वार्षिक आय |
|---|---|
| दो वर्ष पूर्व | ₹114 करोड़ |
| वर्तमान स्थिति | ₹182 करोड़ |
सदा सर्वंकर ने बताया कि प्रबंधन में किए गए कड़े सुधारों और पारदर्शिता के कारण मंदिर की आय दो साल पहले के ₹114 करोड़ से बढ़कर आज ₹182 करोड़ तक पहुंच गई है। उन्होंने दोहराया कि ट्रस्ट मंदिर की पवित्रता और चंदे की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





