भोपाल/रतलाम:
अक्सर यह माना जाता है कि राजनीति में आने के बाद नेताओं की संपत्ति तेजी से बढ़ती है, लेकिन मध्य प्रदेश की सियासत में एक ऐसे भी राजनेता हैं जो अपनी अकूत संपत्ति के साथ-साथ अपनी अनूठी त्याग-भावना के लिए जाने जाते हैं। हम बात कर रहे हैं सूबे की मोहन यादव सरकार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चैतन्य कश्यप की। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट और विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए हलफनामे के मुताबिक, चैतन्य कश्यप 296 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ मध्य प्रदेश विधानसभा के सबसे अमीर विधायक हैं।
लेकिन इस रसूख और दौलत से इतर, उनकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह विधायक के रूप में मिलने वाला सरकारी वेतन और भत्ता स्वीकार नहीं करते हैं।
चल-अचल संपत्ति का विशाल साम्राज्य
शपथ पत्र में घोषित आंकड़ों के अनुसार, चैतन्य कश्यप का बिजनेस एम्पायर बेहद फैला हुआ है। कश्यप कारोबारी ग्रुप के मालिक और उद्योगपति कश्यप की संपत्ति में:
विभिन्न व्यावसायिक निवेश और देश के प्रतिष्ठित उद्योगों में शेयर्स,
करोड़ों रुपये की बैंक जमा (Bank Deposits) और वित्तीय परिसंपत्तियां,
मध्य प्रदेश सहित अन्य हिस्सों में बेशकीमती जमीनें, आवासीय और व्यावसायिक भवन शामिल हैं।
व्यवसायिक पृष्ठभूमि से आने के कारण उनकी आय के स्रोत केवल राजनीति तक सीमित नहीं हैं, जिसने उन्हें राज्य का सबसे धनी विधायक बनाया है।
रतलाम सिटी से जीत की हैट्रिक
चैतन्य कश्यप भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बेहद वरिष्ठ और जमीनी नेता माने जाते हैं। रतलाम सिटी विधानसभा क्षेत्र में उनका जनप्रभाव इतना मजबूत है कि वह यहाँ से लगातार तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में जब राज्य में भाजपा की प्रचंड लहर थी, तब उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता पारस दादा को करारी शिकस्त देकर अपनी जीत का सिलसिला कायम रखा।
"व्यवसाय और सार्वजनिक जीवन को अलग रखकर जनता की सेवा करना ही मेरा मुख्य ध्येय है। राजनीति मेरे लिए व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज को वापस लौटाने (Giving Back to Society) का एक माध्यम है।"
— चैतन्य कश्यप (अप्रत्यक्ष संदर्भ)
अमीरी के बीच सादगी और सामाजिक सरोकार
भले ही कागजों पर चैतन्य कश्यप मध्य प्रदेश के सबसे अमीर विधायक हों, लेकिन रतलाम की जनता के बीच उनकी छवि एक बेहद सादगी पसंद और सुलभ नेता की है। वह कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद (Direct Connect) के लिए जाने जाते हैं।
| कार्यक्षेत्र | मुख्य योगदान |
|---|---|
| शिक्षा और खेल | रतलाम में बुनियादी खेल ढांचा तैयार करना और जरूरतमंद बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं। |
| इन्फ्रास्ट्रक्चर | रतलाम सिटी में सड़कों, पेयजल और शहरी विकास की योजनाओं को दूरदर्शी सोच के साथ लागू करना। |
| MSME मंत्रालय | मोहन कैबिनेट में मंत्री के रूप में राज्य के छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार सक्रिय। |
संपादकीय दृष्टिकोण: चैतन्य कश्यप का राजनीतिक और सामाजिक जीवन यह साबित करता है कि धन और रसूख के बावजूद यदि इरादे साफ हों, तो जनता का दिल जीता जा सकता है। अपनी सैलरी न लेकर समाज सेवा में लगाना आज के दौर की राजनीति में वाकई एक दुर्लभ और अनुकरणीय उदाहरण है।





