गुवाहाटी | असम में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। अपने दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में नवनिर्मित प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं की आधारशिला रखते हुए इसे असम के विकास में एक 'मील का पत्थर' करार दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में नया अध्याय: प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज
गृह मंत्री ने रिबन काटकर अस्पताल का लोकार्पण किया और कहा कि भाजपा सरकार असम के हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहाँ पहले लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता था, वहीं अब असम पूर्वोत्तर का 'मेडिकल हब' बनकर उभर रहा है।
संसद की गरिमा और राहुल गांधी पर प्रहार
विकास कार्यों के साथ-साथ शाह ने विपक्ष पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा:
"संसद लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है, लेकिन राहुल गांधी कभी संसद की चौखट पर बैठकर चाय-पकौड़े खाते हैं तो कभी विरोध प्रदर्शन का अनुचित तरीका अपनाते हैं। इस तरह के आचरण से विश्व स्तर पर भारत की छवि धूमिल होती है।"
शाह ने आगे कहा कि विपक्ष को विरोध का अधिकार है, लेकिन चर्चा से भागकर संसद परिसर में ऐसी गतिविधियां करना लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता ऐसे 'अपरिपक्व' व्यवहार को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
कांग्रेस के शासनकाल पर तीखा कटाक्ष
असम की पिछली सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए गृह मंत्री ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने असम के स्वास्थ्य तंत्र को लावारिस छोड़ दिया था।
आर्थिक सेहत बनाम जन स्वास्थ्य: शाह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने जनता की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय अपने परिवारों की आर्थिक सेहत सुधारने पर ध्यान दिया।
बदला हुआ असम: उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद से डबल इंजन सरकार ने असम को उग्रवाद और पिछड़ेपन से निकालकर प्रगति के पथ पर खड़ा कर दिया है।
चुनावी रण के लिए भाजपा की तैयारी
अमित शाह के इस दौरे को असम चुनावों के लिए भाजपा के औपचारिक प्रचार अभियान के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य परियोजनाओं के बहाने भाजपा अपने 'विकास कार्ड' को जनता के बीच ले जा रही है, वहीं भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर कांग्रेस को घेरने की रणनीति भी साफ नजर आ रही है।





