बठिंडा: पंजाब में नगर परिषद चुनावों के नामांकन के आखिरी दिन बठिंडा जिले के रामा मंडी और संगत मंडी में सियासी माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। लोकतांत्रिक प्रक्रिया उस समय तार-तार होती दिखी जब विपक्षी दलों ने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) पर 'धक्केशाही' करने, प्रत्याशियों को रोकने और उनके नामांकन पत्र छीनकर फाड़ने के गंभीर आरोप लगाए।

इस घटनाक्रम के विरोध में धुर विरोधी दल— शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP)— एक मंच पर आ गए और उन्होंने संयुक्त रूप से धरना देकर पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

पुलिस की बैरिकेडिंग और वीआईपी एंट्री का आरोप

विपक्षी नेताओं का सीधा आरोप था कि नगर परिषद कार्यालयों के बाहर पुलिस प्रशासन ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस सुरक्षा घेरे का इस्तेमाल विपक्षी उम्मीदवारों को रोकने के लिए किया जा रहा था।

"सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को तो आसानी से अंदर जाने की अनुमति दी जा रही थी, जबकि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के प्रत्याशियों को रास्ते में ही रोककर प्रताड़ित किया गया।"

नामांकन पत्र छीनकर भागे युवक, दो को भीड़ ने दबोचा

हंगामे की सूचना मिलते ही भाजपा लोकसभा प्रभारी परमपाल कौर सिद्धू, भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह मलूका, अकाली दल के हलका तलवंडी साबो प्रभारी रविप्रीत सिंह सिद्धू और कांग्रेस नेता रणजीत सिंह मौके पर पहुंचे।

घटनाक्रम के मुख्य बिंदु:

दबंगई: जब विपक्षी उम्मीदवार आगे बढ़े, तो कुछ अज्ञात युवकों ने उनके हाथ से नामांकन पत्र छीने और भाग निकले।

पकड़े गए आरोपी: अकाली दल के नेताओं ने दावा किया कि भाग रहे दो युवकों को मौके पर मौजूद लोगों ने दबोच लिया।

कबूली बात: नेताओं का आरोप है कि पूछताछ में उन युवकों ने माना कि वे सत्ताधारी दल के नेताओं के इशारे पर ऐसा कर रहे थे (हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है)।

डीआईजी तक पहुंचा मामला; निष्पक्ष चुनाव की मांग

बठिंडा में यह तनाव पिछले दो दिनों से जारी है। इससे एक दिन पहले भी भाजपा उम्मीदवारों को रोकने पर वरिष्ठ नेता श्री निवासलू और परमपाल कौर सिद्धू की पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विपक्षी नेताओं ने डीआईजी हरजीत सिंह से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की गुहार लगाई गई है।

दूसरी ओर, संगत मंडी नगर परिषद क्षेत्र से भी इसी तरह की धक्केशाही और पक्षपात की खबरें आईं, जिसके बाद वहां भी विपक्ष ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।

प्रशासन का पक्ष: मामले पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बहरहाल, इस रस्साकशी ने पंजाब के निकाय चुनावों के राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।