नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सियासत में शनिवार को उस वक्त भूचाल आ गया जब भाजपा नेता और दिल्ली के मंत्री परवेश वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नए सरकारी आवास (95, लोधी एस्टेट) की तस्वीरें साझा करते हुए उसे 'शीश महल पार्ट-2' करार दिया। वर्मा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तंज कसते हुए उसे 'आलीशान आदमी पार्टी' का नया नाम दिया है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने इन तस्वीरों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें इंटरनेट से उठाई गई 'फर्जी' तस्वीरें बताया है।
"दिल्ली के बाद पंजाब में भी बनाया शीश महल"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो व्यक्ति दो कमरों के फ्लैट की बात करता था, वह आज 7-स्टार होटलों जैसी विलासिता में रह रहा है।
प्रमुख आरोप: वर्मा ने दावा किया कि केजरीवाल ने न केवल दिल्ली में करोड़ों की लागत से बंगला तैयार कराया, बल्कि अब पंजाब में भी मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के पास सरकारी मकानों पर कब्जा कर वहां एक और 'शीश महल' बना लिया है।
धन के स्रोत पर सवाल: भाजपा ने सवाल उठाया कि इस नए बंगले के सौंदर्यीकरण में इस्तेमाल हुआ पैसा कहाँ से आया? वर्मा ने आरोप लगाया कि इसमें सरकारी फंड के बजाय निजी कंपनियों और शराब ठेकेदारों का पैसा लगा हो सकता है।
बेडरूम की तुलना: मंत्री ने कहा कि लोधी एस्टेट स्थित बंगले के बेडरूम गोवा के किसी आलीशान 7-स्टार होटल की तरह दिखते हैं।
AAP का पलटवार: "Pinterest से डाउनलोड की गई हैं तस्वीरें"
भाजपा के इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए तस्वीरों की सत्यता पर सवाल खड़े किए हैं।
संजय सिंह की चेतावनी: आप सांसद संजय सिंह ने इन तस्वीरों को पूरी तरह फर्जी बताया और कहा कि गलत जानकारी फैलाने वालों को मानहानि के मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने भाजपा नेताओं को चुनौती दी कि वे अपने घर जनता के लिए खोलें, केजरीवाल भी अपना घर खोलेंगे, तब पता चलेगा कि कौन आलीशान रहता है।
आतिशी का तंज: दिल्ली की मंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया पर भाजपा का मजाक उड़ाते हुए कहा कि परवेश वर्मा ने जो तस्वीरें मीडिया को दिखाई हैं, वे वास्तव में Pinterest (एक फोटो शेयरिंग वेबसाइट) से डाउनलोड की गई हैं। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल के खिलाफ कुछ नहीं मिलता, तो भाजपा इंटरनेट की तस्वीरों का सहारा लेकर झूठ फैलाने लगती है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के वीवीआईपी इलाके लोधी एस्टेट में स्थित एक टाइप-VII बंगले में शिफ्ट हुए। भाजपा पहले भी केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित पुराने आवास के नवीनीकरण पर हुए खर्च को लेकर 'शीश महल' के नाम से घेराबंदी कर चुकी है।
निष्कर्ष: जैसे-जैसे दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ रही हैं, 'शीश महल' बनाम 'फर्जी तस्वीर' का यह विवाद और गहराने के आसार हैं। जहाँ भाजपा इसे भ्रष्टाचार और विलासिता का मुद्दा बना रही है, वहीं AAP इसे चरित्र हनन की राजनीति बताकर पलटवार कर रही है।





