डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 11 उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। इस बार की सूची में पार्टी ने नए चेहरों को मौका देने के साथ-साथ अनुभवी और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं पर बड़ा भरोसा जताया है। चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और पूर्वोत्तर के राज्यों में एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

मध्य प्रदेश: तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को मिला बड़ा मौका

मध्य प्रदेश से पार्टी ने अपने राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग को मैदान में उतारकर एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। राष्ट्रीय स्तर पर चुग की सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। उनके साथ ही प्रदेश के कद्दावर नेता रजनीश अग्रवाल को भी उम्मीदवार बनाया गया है, जिससे राज्य में संगठनात्मक संतुलन और मजबूत होगा।

राजस्थान: केंद्रीय मंत्री बिट्टू का पत्ता कटा, अलका गुर्जर और सतीश पूनिया पर भरोसा

राजस्थान से इस बार की सबसे बड़ी खबर यह है कि पार्टी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को टिकट न देकर सबको चौंका दिया है। उनकी जगह बीजेपी ने संगठन में लंबा अनुभव रखने वालीं डॉक्टर अलका गुर्जर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया को मैदान में उतारा है। इसे राजस्थान भाजपा के भीतर क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

राज्यवार उम्मीदवारों की पूरी सूची

बीजेपी द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, विभिन्न राज्यों से घोषित उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं:

राज्य (State)उम्मीदवार का नाम (Name)
मध्य प्रदेशतरुण चुग, रजनीश अग्रवाल
राजस्थानडॉ. अलका गुर्जर, डॉ. सतीश पूनिया
गुजरातराजुभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार, जीतेन्द्र मेघजीभाई कंजारिया
अरुणाचल प्रदेशताई तागाक
मणिपुरए. शारदा देवी

जीत लगभग तय, संगठन को मजबूत करने की कवायद

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिन राज्यों के लिए इन नामों की घोषणा की गई है, वहाँ भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल है। ऐसे में इन सभी 11 उम्मीदवारों की राज्यसभा में एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। गुजरात से जहाँ चार नामों को शामिल कर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत किया गया है, वहीं मणिपुर से ए. शारदा देवी और अरुणाचल से ताई तागाक को मौका देकर आलाकमान ने पूर्वोत्तर को भी विशेष प्राथमिकता दी है।

इस सूची के जरिए बीजेपी ने यह साफ कर दिया है कि आगामी दिनों में वह संगठन के प्रति वफादार और जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं को आगे बढ़ाने की नीति पर ही काम करेगी।